देहरादून स्थित सचिवालय के पास एक मॉल में महिला अधिकारी से छेड़छाड़ और उसके साथी से मारपीट की चिंगारी अभी सुलग रही है।
हेल्थ आर्गेनाइजेशन की महिला अधिकारी पीड़िता की तरफ से एसडीएम को आरोपित करने वाले साथी ने सोमवार को नए खुलासे को मीडिया बुलाई थी, लेकिन किन्हीं कारणों से वह नहीं आ सका। उसके न आने के पीछे कई तरह के कयास लगाए जा रहे है। हालांकि पुलिस कप्तान ने दो टूक कहा कि पुलिस की मंशा साफ है, जब चाहे पीड़िता रिपोर्ट दर्ज करा सकती है।
डालनवाला क्षेत्र के इस माल में शुक्रवार रात को एक महिला अधिकारी से छेड़छाड़ का विरोध करने पर उसके साथी की पिटाई कर दी गई थी। इस मामले में एसडीएम के अलावा एक मंत्री के करीबी पर आरोप लगे थे। विरोध के चलते ही उन्हें एसडीएम का सरकारी वाहन मौके पर छोड़ना पड़ा था।
पीड़िता के साथी के अलावा एसडीएम की तरफ से तहरीर दी गई थी, लेकिन मामला दर्ज नहीं हुआ था। दो दिन से कहा जा रहा है कि पीड़िता इस मामले में सामने आकर कुछ कहना नहीं चाहती है।
मामले में सोमवार को नया मोड़ आ गया। पीड़िता की तरफ से तहरीर देने वाले ने मीडिया को बुलाकर इस मामले के पूरे तथ्य का खुलासा करने का दावा किया था। मीडिया पहुंच गई, लेकिन आयोजक नहीं आए। इसके पीछे कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
पीड़िता सामने आकर इस मामले में जब चाहे शिकायत दर्ज करा सकती है। पुलिस ने करीबी की तहरीर पर उसे बुलाया भी था, लेकिन वो नहीं आई। अब तक की जांच में मारपीट होने की बात साबित हुई है। पूरी तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रशासन को उपलब्ध करा दी गई है।
- डॉ. सदानंद दाते, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक