संवाद न्यूज एजेंसी
देहरादून। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र की ओर से शुक्रवार को समकालीन भारतीय भाषाओं में फिल्म प्रदर्शन शृंखला के तहत मलयालम फीचर फिल्म जल्लीकट्टू का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में फिल्म प्रेमी, लेखक, रंगकर्मी, युवा और अन्य लोग उपस्थित रहे।
फिल्म विशेषज्ञ अजय गोविंद ने बताया कि यह फिल्म लिजो जोस पेलिसेरी की ओर से निर्देशित है, और इसे हिंदी में अनुवाद किया गया है। 87 मिनट की इस फिल्म में सभी चीजों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
फिल्म जल्लीकट्टू की कहानी एक कसाईखाने से भागी हुई भैंस के इर्द-गिर्द घूमती है, जो पूरे गांव में अफरा-तफरी मचा देती है। इस दौरान गांव वाले उसे पकड़ने की कोशिश में हिंसा और अराजकता का रूप धारण कर लेते हैं। यह कहानी मानव स्वभाव के हिंसक पहलुओं, मर्दानगी और जंगली प्रवृत्तियों की एक गहरी पड़ताल करती है। फिल्म यह प्रश्न उठाती है कि असल में जंगली कौन है जानवर या मनुष्य। प्रस्तुति के बाद दर्शकों ने अजय गोविंद से सवालज-जवाब किए।