किस जिले में कितनी ग्लेशियर झीलें
| जिला |
झीलें |
| चमोली |
571 |
| उत्तरकाशी |
430 |
| पिथौरागढ़ |
228 |
| टिहरी |
32 |
| रुद्रप्रयाग |
22 |
| बागेश्वर |
1290 |
10 नदियों के बेसिन में 10 साल में कितनी झीलें बढ़ीं
| नदी बेसिन |
2013 में झीलें |
2023 में झीलें |
प्रतिशत बढ़ोतरी |
| अलकनंदा |
635 |
580 |
8.7 |
| भागीरथी |
306 |
341 |
11.4 |
| भिलंगना |
22 |
29 |
31.8 |
| धौलीगंगा |
75 |
75 |
00 |
| गोरीगंगा |
92 |
93 |
1.1 |
| कुथियांगति |
45 |
51 |
13.3 |
| मंदाकिनी |
19 |
24 |
26.3 |
| पिंडर |
07 |
07 |
00 |
| टोंस |
52 |
73 |
40.4 |
| यमुना |
13 |
17 |
30.8 |
सबसे ज्यादा खतरा चमोली-उत्तरकाशी को
अध्ययन में ये भी सामने आया है कि सबसे ज्यादा झीलें चमोली और उत्तरकाशी जिलों में हैं। इनके फटने का खतरा भी यहीं सबसे ज्यादा है। इस कारण स्थानीय निवासियों, सड़कों, पुलों व जल विद्युत परियोजनाओं पर खतरा मंडरा रहा है।
ये भी पढ़ें...Uttarakhand Weather News: भारी बारिश का येलो अलर्ट, बाढ़ के खतरे का पूर्वानुमान, जिलाधिकारियों को भेजा पत्र
हिमाचल की तुलना में उत्तराखंड अधिक संवेदनशील
हिमाचल में भले ही ज्यादा ग्लेशियर हों लेकिन वहां सिर्फ 228 सुप्राग्लेशियल झीलें हैं। उत्तराखंड में 685 सुप्राग्लेशियल झीलें पाई गईं। स्पष्ट है कि उत्तराखंड में तेज मानसूनी बारिश, कम अक्षांश और नीचे ग्लेशियर होने के कारण पिघलने की रफ्तार ज्यादा है।
संबंधित वीडियो-