800 घोंसलों वाली नई ब्रीडिंग कॉलोनी खोज निकाली
अंटार्कटिका के दक्षिण गोलार्ध में भारतीय वन्य जीव संस्थान के विज्ञानियों ने पेंग्विन (एडली) के 800 घोंसलों वाली नई ब्रीडिंग कॉलोनी खोज निकाली है। इस क्षेत्र में चीन और रूस के विज्ञानी भी रिसर्च कर रहे हैं, लेकिन उन्हें यह सफलता नहीं मिली।
माना जा रहा है कि ग्लोबल वार्मिंग के बढ़ते प्रभाव से पेंग्विन वासस्थलों में बदलाव कर रहे हैं। इसके साथ ही अचानक इकट्ठी बर्फबारी होने से पक्षियों के 20 फीसदी अंडे खराब हो जा रहे हैं। इकट्ठी बर्फबारी को जलवायु परिवर्तन का प्रभाव माना जा रहा है।
अंटार्कटिका के दक्षिणी गोलार्ध में लारसिमान हिल्स और शिरमाकर ओयसिस में भारतीय रिसर्च स्टेशन हैं। इन जगहों के मैत्री और भारती नाम दिए गए हैं। इस क्षेत्र में भारतीय वन्य जीव संस्थान के विज्ञानी स्नो पेट्रल, स्टॉर्म पेट्रल, साउथ पोलर स्कुआ और पेंग्विन एडली पर काम कर रहे हैं।