उन्होंने बताया कि अगले साल भी मौसम इसी तरह रहेगा, ऐसा कहना कठिन है लेकिन इस तरह की अनिश्चितताएं लगातार सामने आएंगी। क्लाइमेट चेंज के कारण गर्मियों में लंबे समय तक बारिश का अभाव हो सकता है और बरसात का सीजन भी पीछे खिसकने की आशंका है।
मौसम परिवर्तन के प्रभावों के चलते कभी बहुत अधिक बारिश होने अथवा कभी लंबे समय तक बारिश नहीं होने की संभावनाएं बनी रहती हैं। उन्होंने कहा कि मौसम परिवर्तन के कारण इस तरह की असमान्य प्राकृतिक स्थितियां आगे भी सामने आती रहेंगी। किरीट कुमार ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग मौसम परिवर्तन के प्रभावों का एक हिस्सा है।