नेपाल में भूकंप के झटके लगने का सिलसिला थमा नहीं है। गुरुवार सुबह भी गोरखा के पास रिक्टर पैमाने पर 4.2 की तीव्रता वाले भूकंप से जमीन डोल गई। लेकिन विशेषज्ञों की मानें तो 7.9 की तीव्रता का दंश झेल चुका लामजुंग कुछ राहत ले सकता है।
वाडिया हिमालयन भू विज्ञान संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अजय पॉल के मुताबिक अभी तक यह सामने आया है कि ग्रेट मैग्नीट्यूड के भूकंप से प्रभावित स्थान पर 100 साल तक बड़े भूकंप की संभावना कम हो जाती है।
यह अलग बात है कि इतने बड़े भूकंप के बाद लगने वाले आफ्टरशॉक से भूकंप प्रभावित स्थानों पर दरारें और चौड़ी हो सकती हैं, जिससे नुकसान में बढ़ोतरी हो सकती है। नेपाल में ताजा झटका गुरुवार सुबह 6 बजकर 7 मिनट पर लगा।