देशभर में चल रहे असहिष्णुता के मुद्दे पर वैज्ञानिकों और लेखकों के विरोध को दून साइंस फोरम ने भी समर्थन दे दिया है। साइंस फोरम ने अहम बैठक बुलाकर असहिष्णुता के खिलाफ एकजुटता दिखाई।
बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया कि देशभर में लेखकों, बुद्धिजीवियों और तर्कशील विचारकों पर असहमत तत्वों की गोलबंदी से हिंसक हमलों, धमकियों और हत्याओं ने समाज के विभिन्न तबकों में रोष पैदा कर दिया है।
हत्या की निंदा
लोकतांत्रिक मूल्यों को स्थापित करने के लिए प्रयास किए जाएंगे। दून साइंस फोरम ने प्रो. एमएम कालबुर्गी, गोविंद पंसरे और डॉ. नरेंद्र दाभोलकर की हत्या की निंदा भी की।
फोरम ने कहा कि वैज्ञानिक सोच अंधविश्वासों से निजात पाने में सहायक हो सकती है। डॉ. दिनेश प्रताप, डॉ. वीपी चौरसिया, एसआर सिंह, डॉ. एसएन सचान, उमा भट्ट, बीजू नेगी, इंद्रेश नौटियाल, मधु कुलश्रेष्ठ, तौफिक अहमद आदि ने बैठक में शिरकत की।