राजधानी के विभिन्न स्कूलों के ऊपर और समीप से हाईटेंशन लाइन गुजर रही हैं। इन हाईटेंशन लाइनों की कहीं भी गार्डिंग नहीं होने से भी ये हादसों को ज्यादा न्यौता दे रही हैं।
आरटीआई के जरिये इसका खुलासा हुआ है। वहीं, विद्युत सुरक्षा विभाग ने भी इसे सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक बताया है। हाईटेंशन लाइनों के पास स्कूल संचालित होने से ऊर्जा निगम समेत विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना लाजिमी है।
जिन स्कूलों के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है, उसमें भी अधिकतर निजी हैं। ऐसे स्कूलों के संचालन की अनुमति देना विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है। उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने शहर में ऐसे 10 से अधिक स्कूल चिह्नित किए हैं। हालांकि, पावर ट्रांसमिशन आफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) और यूपीसीएल ने इन स्कूलों को अब तक नोटिस भी जारी नहीं किया है।