शंकराचार्य विवाद के बीच स्वामी अच्युतानंद तीर्थ के भूमा निकेतन में हुई संतों की बैठक में कहा गया कि अनेक अखाड़ों में असामाजिक तत्व भरे हुए हैं। ऐसे में उनकी सीबीआई जांच होनी चाहिए। निर्णय लिया गया कि सीबीआई जांच के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की जाएगी।
महामंडलेश्वर प्रेमानंद महाराज की अध्यक्षता एवं प्रबोधानंद गिरि के संचालन में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि अखाड़ों को स्वामी अच्युतानंद तीर्थ के खिलाफ कार्रवाई का कोई अधिकार नहीं है।
अखाड़ों की बात कोई मानता भी नहीं। स्वामी प्रबोधानंद गिरि ने कहा कि जूना अखाड़े के जिन महामंडलेश्वर अर्जुन पुरी को कथित रूप से निष्कासित किया गया था, उन्होंने गत दिवस भारत माता मंदिर के कार्यक्रम में न केवल भाग लिया, अपितु उन्हें सम्मानित भी किया गया।