अदालत ने अभियोजन के तर्क को माना कि यह मामला आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की छात्रवृत्ति हड़पने का है। यह पूर्णतया गंभीर प्रकृति का आर्थिक अपराध है। चूंकि, भौतिक सत्यापन इन अधिकारियों की ही जिम्मेदारी थी, जिसे उन्होंने कानूनी रूप से पूरा नहीं किया।
अदालत ने पूर्व में कुछ अधिकारियों और अन्य लोगों की जमानत के तर्क को भी खारिज किया और कहा कि किसी की जमानत इस न्यायालय से मंजूर नहीं हुई है। लिहाजा, तीनों आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी गई हैं।
नौटियाल की जमानत पर सोमवार को होगी सुनवाई
गीताराम नौटियाल को एसआईटी ने शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया था। उसके बाद उन्हें 14 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इस दौरान नौटियाल ने जमानत अर्जी भी प्रस्तुत की थी, लेकिन अभियोजन ने इस पर समय मांग लिया था। अब इस प्रार्थनापत्र पर चार नवंबर (सोमवार) को सुनवाई होगी।