एसआईटी ने 19 नवंबर 2019 को शासन को नौटियाल पर केस दर्ज होने की जानकारी दी। सूचना प्राप्त होने के बाद नौटियाल को बैक डेट से निलंबित कर दिया गया था। नौटियाल को एक नवंबर 2019 को देहरादून में जिला न्यायालय में पेश कर 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा पर जेल भेज दिया गया था।
इस दौरान नौटियाल ने उच्च न्यायालय में जमानत की अर्जी दी। उन्हें 10 दिसंबर 2019 को अदालत से जमानत मिल गई। नौटियाल ने 30 दिसंबर 2019 को शासन से अपनी बहाली का अनुरोध किया। उत्तरांचल सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 2003 के प्रावधानों के तहत नौटियाल को सशर्त सेवा में बहाल करने का निर्णय ले लिया गया।