छात्रवृत्ति घोटाले में आठ और शिक्षण संस्थानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। इनमें पांच संस्थान देहरादून और तीन यूपी के सहारनपुर और उन्नाव जिले के हैं। देहरादून और हरिद्वार में छात्रवृत्ति घोटाले की जांच में जुटी एसआईटी की एक सप्ताह में ये दूसरी बड़ी कार्रवाई है।
14 जून को ही एसआईटी ने तीन राज्यों के 12 कॉलेजों के खिलाफ फर्जी दस्तावेजों से सरकारी रकम हड़पने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसआईटी प्रभारी आईपीएस मंजूनाथ टीसी ने बताया कि जांच में छात्रवृत्ति वितरण में अनियमितताएं मिलने के बाद राजधानी के डालनवाला, पटेलनगर, क्लेमेंटटाउन, वसंत विहार और विकासनगर कोतवाली के आठ संस्थानों के खिलाफ छह मुकदमे दर्ज हुए हैं।
देहरादून के शकुंतला देवी एजुकेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ब्राह्मणवाला, साईं स्कूल ऑफ नर्सिंग मोहब्बेवाला, सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी इंद्रानगर, द्रोणाचार्य कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी विकासनगर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
एसआईटी प्रभारी ने बताया कि इसके अलावा यूपी के कॉरपोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी उन्नाव, शिवालिक इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी सहारनपुर और चमन बेबी आईटीआई सहारनपुर के खिलाफ भी फर्जी दस्तावेज से छात्रवृत्ति हड़पने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई गई है। उन्होंने बताया कि अनलॉक शुरू होते ही एसआईटी जांच में तेजी लाई गई है, ताकि घोटाले में शामिल शिक्षण संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
अब तक 80 मुकदमे
छात्रवृत्ति घोटाले में एसआईटी देहरादून और हरिद्वार में अब तक 80 मुकदमे दर्ज करा चुकी है। इनमें देहरादून में 29 और हरिद्वार में 51 मुकदमे शामिल हैं। इनमें 66 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। गिरफ्तार लोगों में समाज कल्याण विभाग के पांच अधिकारी भी शामिल हैं।