उत्तराखंड में बनबसा के देवभूमि विद्यापीठ में हुए 39.52 लाख रुपये की छात्रवृत्ति घोटाले में पुलिस अब तक एक भी आरोपी को नहीं पकड़ पाई है। इस बीच, विद्यापीठ के तीन संचालकों ने हरिद्वार की अदालत से गिरफ्तारी पर स्टे ले लिया है। पुलिस उनके स्टे को खारिज कराने और उन्हें रिमांड पर लेने का प्रयास कर रही है।
एसपी लोकेश्वर सिंह का कहना है कि एनबीडब्लू (गैर जमानती वारंट) के लिए पुलिस अदालत जाएगी। छात्रवृत्ति घोटाले में सहायक समाज कल्याण अधिकारी सहित कुल सात लोगों के खिलाफ बनबसा थाने में 15 दिसंबर 2019 को मुकदमा दर्ज किया गया था। विद्यापीठ के संचालकों को दबोचने के लिए हरिद्वार-रुड़की गई विशेष जांच दल (एसआईटी) की टीम भी खाली हाथ लौट आई थी।
देवभूमि विद्यापीठ नाम की गैर मान्यता प्राप्त संस्था पर 2015-16 में 221 एससी और 140 एसटी छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति के नाम पर 39.52 लाख रुपये के फर्जीवाड़े का आरोप है। पुलिस जांच में इस बात की तस्दीक हुई थी कि समाज कल्याण विभाग से मिली यह रकम विद्यापीठ के छात्र-छात्राओं तक नहीं पहुंची।
इसके बाद बनबसा थाने में देवभूमि विद्यापीठ के चार संचालक चैरब जैन, अनिल गोयल, विवेक शर्मा, गौरव जैन (हरिद्वार जिला निवासी), बिचौलिये मुकेश कुमार और प्रदीप (दोनों यूएस नगर जिला निवासी) और तत्कालीन सहायक समाज कल्याण अधिकारी गोपाल सिंह राणा के खिलाफ आईपीसी की धारा 409, 420, 466, 467, 468, 471 व 120 बी के तहत 15 दिसंबर को मुकदमा दर्ज किया गया। टनकपुर के कोतवाल धीरेंद्र कुमार के नेतृत्व में एसआईटी ने संचालकों को पकड़ने के लिए जनवरी में हरिद्वार और रुड़की में दबिश भी दी। मगर कोई भी आरोपी हत्थे नहीं चढ़ सका।
पुलिस का कहना है कि एक आरोपी विवेक शर्मा किसी मामले में पहले से ही जेल में है, जबकि तीन आरोपी चैरब जैन, अनिल गोयल व गौरव जैन ने गिरफ्तारी के खिलाफ स्टे लिया है। अलबत्ता अब पुलिस आरोपियों के खिलाफ एनबीडब्लू लेने का प्रयास कर रही है।
छात्रवृत्ति देने वाले कॉलेजों के सत्यापन में जुटी पुलिस
बनबसा के देवभूमि विद्यापीठ में हुए फर्जीवाड़े के उजागर होने के बाद पुलिस अब छात्रवृत्ति देने वाले तमाम अन्य शिक्षण संस्थानों के सत्यापन में जुट गई है। एसपी लोकेश्वर सिंह का कहना है कि धांधली का पता लगाने के लिए छात्रवृत्ति देने वाले जिले के 74 स्कूलों की पड़ताल की जा रही है। अब तक 70 स्कूलों के अभिलेखों की जांच हो चुकी है। इनमें से किसी भी स्कूल में गड़बड़ी नहीं पाई गई। एसपी लोकेश्वर सिंह का कहना है कि अगले सप्ताह तक शेष चार स्कूलों के छात्रवृत्ति के दस्तावेजों की भी जांच पूरी हो जाएगी।