एसआईटी ने छात्रवृत्ति घोटाले में एक और रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज कराई है। इसमें दो आरोपियों को नामजद किया गया है। 19 छात्रों के सत्यापन में 11 के नाम से धन हड़पने का आरोप लगाया है।
रिपोर्ट में कहा कि समाज कल्याण विभाग से प्राप्त छात्रवृत्ति में लोटस इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट बरेली, लखनऊ रोड, बरेली में वर्ष 2013-14, वर्ष 2014-15 में दर्शाए 23 छात्रों में से 19 छात्रों का भौतिक सत्यापन किया गया। जांच में आठ छात्र सही पाए और शेष 11 में खमरिया निवासी राजेश सिंह ने जांच में बताया कि उसने पीजीडीएम कोर्स हेतु उक्त शिक्षण संस्थान में कोई प्रवेश नहीं लिया, ना ही परीक्षा दी और ना ही कोई छात्रवृत्ति प्राप्त की।
मेरे शिक्षा संबंधित दस्तावेज चिंती मजरा निवासी दलीप सिंह ने अंकित अग्रवाल को दिए थे। अन्य मामलों में दोहरी निवासी सुमन, नकुलिया सितारगंज की सिम्मी, मिहौरा के अनिल सिंह, कुमराह के सतीश सिंह, सरवन कुमार, भूड़ा किशनी के राम रिवेंद्र सिंह, अमाऊं निवासी गणेश सिंह राणा,भूमिया मंदिर वार्ड छह निवासी रिंकी सागर, पचपेड़ा के हरपाल सिंह ने भी जांच में बताया कि उन्होंने कोई छात्रवृत्ति नहीं ली है।
जांच में प्रथम दृष्टया चिंतीमजरा निवासी अंकित अग्रवाल और दलीप सिंह को आरोपी बनाया गया है। दोनों पर छात्रों को धोखे में रखकर फर्जी प्रवेश और संस्थान के साथ मिलकर छात्रवृत्ति के 10 लाख 65 हजार 900 रुपये हड़पने का आरोप है। एसआईटी के इंस्पेक्टर एनएन पंत की ओर से दोनों आरोपी अंकित और दलीप सिंह पर धारा 420, 408, 466, 467, 468, 471,120 बी के तहत मुकदमा करवाया गया है।