हरिद्वार में छात्रवृत्ति घोटाले में पुलिस ने महर्षि दयानंद प्राइवेट आईटीआई धनौरी के दो सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि संस्थान के मालिक ने इनसे मिलकर छात्रवृत्ति हड़पी थी। हालांकि मालिक हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे ले चुका है। कोर्ट ने संस्थान संचालक को सरकारी बैंक खाते में बीस लाख रुपये जमा कराने के आदेश दिए हैं।
एसआईटी प्रभारी मंजूनाथ टीसी ने बताया कि महर्षि दयानंद प्राइवेट आईटीआई धनौरी को 2014-15 में 53 लाख आठ हजार 514 रुपये की छात्रवृत्ति दी गई थी। जांच के दौरान छात्रवृत्ति वितरण में कई तरह की अनियमितताएं पाई गई।
पता चला कि फर्जी छात्रों का प्रवेश दर्शाने और एक ही सत्र में दो संस्थानों में प्रवेश दर्शाकर छात्रवृत्ति हड़पी गई है। एसआईटी जांच के बाद तीन फरवरी को थाना पिरान कलियर में महर्षि दयानंद प्राइवेट आईटीआई के मालिक अश्वनी कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
विवेचना के दौरान पता चला कि संस्थान मालिक ने कर्मचारी अमित कुमार सैनी निवासी किशनपुर जमाल और बैंक मित्र नवीन कुमार से सांठगांठ कर यह खेल किया है। एसआईटी प्रभारी ने बताया कि विवेचना में साक्ष्यों का संकलन करने के बाद पुलिस ने सहयोगी अमित सैनी और नवीन कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। संस्थान मालिक अश्वनी कुमार हाईकोर्ट से अपनी गिरफ्तारी पर स्टे ले चुका है।