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छात्रवृत्ति घोटाला: अफसरों से पूछताछ को मंजूरी, दर्ज हो सकता है मुकदमा

Thu, 20 Jun 2019 09:41 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर रही विशेष जांच समिति (एसआईटी) को समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक व चार अफसरों से पूछताछ करने की अनुमति मिल गई है। इसके साथ ही इन अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार भी लटक गई है।

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एसआईटी को जांच में उनके खिलाफ साक्ष्य मिले हैं। इन साक्ष्यों के आलोक में यदि वे संतोषजनक जवाब देने में नाकाम रहे तो उनकी गिरफ्तारी भी हो सकती है। पूर्व समाज कल्याण अधिकारी अनुराग शंखधर के मामले में एसआईटी गिरफ्तारी की कार्रवाई कर चुकी है।  

करोड़ों रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर रही एसआईटी अनुमति प्राप्त न होने से अपनी कार्रवाई आगे नहीं बढ़ा पा रही थी। अनुमति की फाइल पिछले कई दिनों से शासन में विचाराधीन थी।
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इस मामले में सचिव समाज कल्याण एल. फैनई ने पहले न्याय विभाग से परामर्श प्राप्त किया। परामर्श मिलने के बाद फाइल विभागीय मंत्री को भेजी गई थी। मंत्री के कार्यालय से फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी गई थी।

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बुधवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से फाइल पर अनुमोदन प्रदान कर दिया। जिसके बाद सचिव ने अनुमति का आदेश जारी कर दिया। आदेश में विभाग ने जिन अफसरों से पूछताछ की अनुमति दी है, उनमें संयुक्त निदेशक गीता राम नौटियाल, पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपराज अग्निहोत्री, सहायक समाज कल्याण अधिकारी सोम प्रकाश, विनोद कुमार व मनीष त्यागी के नाम शामिल हैं। इनके अलावा विभाग के दो अन्य अधिकारी अनिल कुमार सैनी और सत्यपाल के नाम भी शामिल हैं, जिनका निधन हो चुका है।

चिकित्सीय अवकाश पर हैं नौटियाल
समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक गीता राम नौटियाल चिकित्सीय अवकाश पर हैं, लेकिन शासन ने इस इस शर्त के साथ उनका अवकाश मंजूर किया है कि पूछताछ के लिए जब एसआईटी उन्हें बुलाएगी तो उन्हें उसे सहयोग करना होगा।
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