एसआईटी ने मानव भारती विश्वविद्यालय से संपर्क साधा तो सामने आया कि इस नाम के शिक्षण संस्थान को उन्होंने मान्यता नहीं दी है। जांच में पता चला कि जिस खाते में छात्रवृत्ति की रकम ट्रांसफर की गई, उसका संचालन सुभाष पुत्र बाबू राम और उसकी पत्नी किरन देवी निवासी गांव पनियाला रुड़की करते थे।
संस्थान में दाखिले लेने वाले छात्रों के संबंध में जानकारी ली तो पता चला कि उन्होंने कभी दाखिला लिया ही नहीं। एसआईटी ने आरोपी दंपति को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। एसआईटी के अनुसार, आरोपी सुभाष ही छात्रवृत्ति हड़पने का मास्टर माइंड है। वह समाज कल्याण विभाग में कार्यरत है। इसलिए उसे पूरे घोटाले की पूरी जानकारी थी। आरोपी दंपति को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।