चौहान ने बताया कि 7000 कर्मियों के स्पेशल आडिट के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। स्पेशल आडिट से इस बात की जानकारी मिल सकेगी कि वेतन व एसीपी के निर्धारण में किस स्तर पर कहां और किन-किन अधिकारियों, कर्मचारियों द्वारा गड़बड़ियां की गई है।
बता दें कि परिवहन निगम में शासनादेशों के विपरीत एसीपी का लाभ लेने का मामला पहले भी सामने आया था। तत्कालीन प्रबंध निदेशक बीके संत ने 65 अधिकारी-कर्मचारियों से एसीपी की रिकवरी करने का आदेश जारी किया था। मामले की जांच महाप्रबंधक (प्रशासन) निधि यादव को सौंपी गई थी।
साल 2013 से अनाधिकृत तरीके से दी गई एसीपी की आड़ में इन अधिकारी-कर्मचारियों को करोड़ों रुपये का बढ़ा हुआ भुगतान किया गया था। कुछ दिन चर्चाओं मेें रहने के बाद यह प्रकरण ठंडे बस्ते में चला गया था।