सरकार की ओर से पहली बार मनरेगा कार्यों का आडिट कराने से ग्राम पंचायतों में बड़ी वित्तीय अनियमितताएं सामने आ रही हैं। उत्तराखंड सामाजिक अंकेक्षण जवाबदेही एवं पारदर्शिता अभिकरण (उसाटा) ने अप्रैल व मई माह में उत्तरकाशी जिले के नौगांव, रुद्रप्रयाग के जखोली, पौड़ी गढ़वाल के नैनीडांडा, पिथौरागढ़ के धारचूला विकासखंड की 39 पंचायतों में मनरेगा कार्यों का सोशल आडिट किया।
नौगांव ब्लाक के पौंटी पंचायत में आठ शौचालय निर्माण के लिए मनरेगा से 96 हजार रुपये का भुगतान किया गया। भौतिक सत्यापन में एक भी शौचालय नहीं मिला। इसके साथ ही तीन कार्ययोजना में सुरक्षा दीवार के लिए माप पुस्तिका में 9.5 लाख रुपये का दर्शाया गया। लेकिन आडिट टीम को मौके पर कोई काम नहीं मिला।
नैनीडांडा के भौन पंचायत में गौशाला व बकरी बाड़ा बनाने के लिए 125 सीमेंट बैग के साथ रेत, सरिया का क्रय दर्शाया गया। जबकि गौशाला व बकरी बाड़ा में सीमेंट व सरिया का प्रयोग नहीं हुआ। कागजों में निर्माण सामग्री क्रय कर हजारों रुपये का गोलमाल सामने आया है। ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार कई पंचायतों में मनरेगा कार्यों के बिलों को ग्राम प्रधान व ग्राम विकास अधिकारी के हस्ताक्षर बिना ही स्वीकृत किया गया। मस्टरोल में फ्ल्यूड लगाकर ओवर राइटिंग की गई। मनरेगा कार्यों के रिकॉर्ड में भी बड़ी गड़बड़ी पाई गई।