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अधिकारियों के खेल से पानी में मिली योजना

Sun, 13 Jul 2014 12:29 AM IST
नलिनी गुसाईं/अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग के तल्ला नागपुर में 20 करोड़ रुपये की लागत से बन रही पेयजल योजना में घोटाले का मामला सामने आया है। इस योजना का इंटेक वेल ठेकेदार कंपनी की लापरवाही की वजह से आपदा में तबाह हो गया।
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नियमानुसार इस योजना पर खर्च हुए एक करोड़ रुपये की भरपाई कंपनी को करनी चाहिए थी, लेकिन अधिकारियों की मेहरबानी से कंपनी बच निकली। इतना ही नहीं निर्माण के लिए दोबारा आपदा फंड से पैसा रिलीज करा लिया गया। मामला सामने आने पर डीएम और पेयजल निगम ने जांच शुरू कर दी है।

इंटेक वेल पानी खींचने के लिए नदी के बीच लगाया जाता है, इसलिए इसकी मजबूती जरूरी है। लेकिन शुरू से ही इसकी गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते रहे।
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इस तरह रचा गया पूरा प्लान

पेयजल निगम और कार्य कर रही चंडीगढ़ की कंपनी के बीच यह अनुबंध हुआ था कि निर्माणाधीन स्थल पर हर सामान की जिम्मेदारी कंपनी की होगी। कंपनी को हर सामान का इंश्योरेंस भी कराना चाहिए था, लेकिन इंश्योरेंस की किश्तों से बचने के चक्कर में कंपनी ने ऐसा नहीं किया। वहीं आपदा में इंटेक वेल बह गया।

अनुबंध की शर्तों के अनुसार इसकी भरपाई की जिम्मेदारी कंपनी की बनती थी, लेकिन अधिकारियों की मिलीभगत से मामला रफा-दफा करते हुए कंपनी को भुगतान कर दिया गया।

इसके बाद दोबारा निर्माण के लिए आपदा फंड से फिर से पैसा रिलीज करा लिया गया और टेंडर जारी कर दिए गए। सूत्रों की मानें तो दोबारा टेंडर भी उसी कंपनी को दिए जाने की तैयारी चल रही है। मामले की जानकारी पर डीएम स्तर पर जांच भी शुरू हो गई है।
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अधिकारियों का कहना- होगी कार्रवाई

इस योजना में एक नहीं कई घोटाले हैं। कई बार इसकी शिकायत भी उच्च अधिकारियों से की जा चुकी है। इंटेक वैल की गुणवत्ता को लेकर उच्च अधिकारियों से शिकायत की गई थी। अब आपदा का पैसा भी कंपनी और अधिकारी मिलकर डकार रहे हैं। यदि इतना पैसा आपदाग्रस्त लोगों को मिलता तो उनका बेहतर पुर्नवास हो सकता था।
-संजीव गुप्ता, आरटीआई एक्टिविस्ट

मामला हमारे संज्ञान में आ चुका है। इसकी रिपोर्ट भी निगम मुख्यालय को भेज दी गई है। मुख्यालय में इसका अध्ययन किया जा रहा है। स्टीमेट भले ही दोबारा पास हो गया है लेकिन अभी टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। अनुबंध की शर्तों के अनुसार ही इस मामले पर कार्रवाई होगी।
-एमके गुप्ता, अधीक्षण अभियंता, रुद्रप्रयाग, पेयजल निगम

मामला संज्ञान में आने के बाद मैंने इसकी जांच के लिए समिति का गठन किया। समिति ने दो दिन पहले ही इसकी जांच रिपोर्ट मुझे सौंपी है। अब यह रिपोर्ट प्रमुख सचिव, पेयजल विभाग एस राजू को हमारी ओर से सौंपी जाएगी।
-डॉ. राघव, डीएम, रुद्रप्रयाग

(नोटः इस खबर से संबंधित किसी भी सुझाव या सवाल के लिए मेल आईडी- nailinig@ddn.amarujala.com या इस नंबर- 9897830519 पर संपर्क कर सकते हैं।)
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