हालांकि इस बार शिवरात्रि पर कर्क राशि यानी मृत्यु लोक की भद्रा भी रहेगी। चतुर्दशी तिथि 11 अगस्त को प्रातः 4:55 बजे प्रारंभ हुई और इसी समय से भद्रा भी शुरू होकर अपराह्न 3:25 बजे तक रहेगी। विद्वानों के अनुसार मृत्यु लोक की भद्रा में शुभ कार्य और जलाभिषेक करना शास्त्रसम्मत नहीं माना जाता इसलिए श्रद्धालुओं को भद्रा समाप्ति के बाद जलाभिषेक करना अधिक शुभ रहेगा।
आचार्य राकेश शुक्ला ने बताया किशिवरात्रि पर जल से भगवान शिव का अभिषेक, बेलपत्र, भांग, धतूरा और अन्य प्रिय वस्तुएं अर्पित करने का विशेष महत्व बताया गया है।