प्यारी गौरैया को बचाने की अमर उजाला की मुहिम लगातार रंग ला रही है। देहात में भी बड़ी संख्या में लोग इस मुहिम से जुड़ रहे हैं। जो लोग पहले से गौरैया का संरक्षण कर रहे हैं, वे इस अभियान से और उत्साहित हो रहे हैं।
युसुफपुर बालेकी निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजपाल सिंह की बैठक को लोग गौरैया वाली बैठक के नाम से ही पहचानने लगे हैं। राजपाल सिंह के अनुसार उनकी बैठक में करीब 15 गौरैया रहती हैं। वैसे तो अपना नया घर बना लिया है, नई बैठक भी बनवा ली है लेकिन गौरैया से उनके पूरे परिवार को इतना प्रेम है कि पुरानी बैठक को तुड़वाने का मन नहीं है।
हर साल इस बैठक की मरम्मत कराने के लिए हजारों रुपए खर्च करने पड़ते हैं। उन्होंने बताया कि अपनी नई बैठक में भी उन्होंने गौरैया के रहने के लिए अलग से स्थान छुड़वाया हुआ है।
आसपास के ग्रामीण कादरपुर निवासी जोध सिंह, सरठेड़ी निवासी सुधीर, कुंजा बहादरपुर के अनिल कुमार और अमरपुर के संजय आदि ने भी गौरैया बचाने की मुहिम से जुड़ने की इच्छा जताई है। वह अक्सर इस बैठक में आते हैं और पुरानी यादों को ताजा करते हैं।