भगवानपुर उपचुनाव में दिवंगत कैबिनेट मंत्री सुरेंद्र राकेश की पत्नी ममता राकेश को टिकट दिए जाने से नाराज होकर निर्दलीय पर्चा भरने वाले कांग्रेस नेता मास्टर सत्यपाल आखिरकार मान गए। पार्टी और परिवार के दबाव में सत्यपाल ने बहू के लिए मैदान छोड़ दिया है।
उल्लेखनीय है कि सत्यपाल दिवगंत सुरेंद्र राकेश के चाचा हैं। 2012 के विधानसभा चुनाव में बसपा से सुरेंद्र राकेश के खिलाफ सत्यपाल कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े थे और इस बार भी प्रबल दावेदार थे। सत्यपाल के बैठ जाने के बाद पार्टी ने राहत की सांस ली है।
सत्यपाल को मनाने के लिए पार्टी नेताओं के साथ परिवार के लोग भी जुटे थे। रिश्तेदारों का तर्क था कि सत्यपाल के मैदान में डटे रहने से दोनों ही परिवारों को राजनैतिक नुकसान होता। बताते हैं कि मान मनौव्वल में रिश्तेदारों ने भी अहम भूमिका निभाई है।