पूर्व सांसद व वर्तमान मंत्री सतपाल महाराज के ऑफिस में गबन के आरेेपी कर्मचारियों को न्यायालय ने बरी कर दिया। एक युवक और युवती के खिलाफ वर्ष 2011 में डालनवाला थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। युवक दिल्ली स्थित कार्यालय में और युवती दून कार्यालय में निजी सहायक के पद तैनात थे।
मामले में शनिवार को एसीजेएम थर्ड निहारिका मित्तल गुप्ता की कोर्ट ने यह फैसला सुनाया था। जानकारी के मुताबिक तत्कालीन सांसद सतपाल महाराज का दिल्ली और देहरादून में कार्यालय थे। उनके राजनीतिक सचिव गुलाब सिंह ने डालनवाला में शालिनी वर्मा और भानू भाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। शालिनी को लोकसभा सचिवालय से 12 हजार रुपये वेतन मिलता था। दून कार्यालय में जब भी सामान की जरूरत होती तो शालिनी को सामान लाने को रुपये दिए जाते थे। आरोप था कि पांच मई 2011 को वह कार्यालय से बाहर गए।
इससे पहले शालिनी को 70 हजार रुपये स्टेशनरी का सामान मंगवाने के लिए दिए गए थे। आरोप था कि शालिनी ने इस रकम सामान नहीं लाई और इसे गायब कर दिया। मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। इस दौरान पता लगा इसी तरह उनके दिल्ली स्थित कार्यालय से निजी सहायक भानू भाई भी फरार हो गया था। दोनों के साथ रकम लेकर भागने को लेकर पुलिस ने न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की। पुलिस की यह चार्जशीट बचाव पक्ष के सामने नहीं टिक पाई। न्यायालय ने दोनों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया। न्यायालय में बचाव पक्ष से प्रवीण सेठ और अभियोजन से हरजीत कौर ने पैरवी की।