उत्तराखंड के हरिद्वार में मंगलवार की देररात भूपतवाला के अखंड परमधाम आश्रम में एक साधु बालानंद ने आश्रम के उपाध्यक्ष स्वामी ज्योर्तिमयानंद पर देसी तमंचे से फायर झोंककर घायल कर दिया। बाद में उसने खुद को कमरे में बंद कर उसी तमंचे से अपनी खोपड़ी छलनी कर दी। मृत बालानंद के कमरे में पांच तमंचे और बीस जिंदा कारतूस बरामद हुए। हत्या की वजह उपाध्यक्ष से बालानंद की पुरानी रंजिश बताई गई है।
बेहद गुस्से में था बालानंद
अखंड परमधाम आश्रम भूपतवाला में साधु बालानंद (निवासी देवसाना थाना कमासिन जिला बांदा यूपी) रह रहा था। मंगलवार की रात्रि करीब पौने दस बजे संस्था के उपाध्यक्ष स्वामी ज्योर्तिमयानंद उसके कमरे के सामने से गुजर रहे थे कि अचानक बालानंद ने उन पर फायर झोंक दिया। गोली ज्योर्तिमयानंद की गर्दन को छूती हुई निकल गई।
घायला ज्योर्तिमयानंद बचने के लिए भागे। निशाना चूकने पर बालानंद कमरे से बाहर निकला और ज्योर्तिमयनंद के पीछे तमंचा लेकर दौड़ा। कमरे से करीब सौ फीट की दूरी पर गेट पर फिर से बालानंद ने ज्योर्तिमयनंद पर ताबड़तोड़ पांच-छह गोलियां और दागीं, जो दीवारों से टकराती रहीं। ज्योर्तिमयानंद ने भागकर अपनी जान बचाई।
पुलिस को दी सूचना
ज्योर्तिमयनंद ने बताया कि वह भागकर ऊपर के कमरे में छिप गए और 100 नंबर पर फोन कर पुलिस को सूचना दी। ज्योर्तिमयनंद को मारने में नाकाम रहा बालानंद अपने कमरे में चला गया। सूचना मिलते ही तत्काल पुलिस मौके पर पहुंची और बालानंद को कमरे से बाहर निकलने को कहा। अंदर से जब कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई तो पुलिस ने खिड़की से अंदर झांका तो बालानंद नीचे पड़ा था।
दरवाजा तोड़ कमरे में गई पुलिस
पुलिस ने दरवाजे को धक्कामार कर खोला तो देखा कि अंदर बालानंद का शव फर्श पर पड़ा था। उसकी खोपड़ी में गोली से छलनी थी। बालानंद के हाथ में एक देशी तमंचा भी मिला। एसआई पूरण सिंह ने बताया कि मृतक बालानंद के कमरे में पांच तमंचे और बीस जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं, जबकि एक छूटा कारतूस बरामद हुआ है। इसके अलावा पुलिस अन्य छानबीन कर रही है।