तमिल कवि थिरुवल्लुवर की प्रतिमा हरकी पैड़ी क्षेत्र में लगाने के विवाद ने मंगलवार देर रात उस समय ज्यादा तूल पकड़ लिया जब प्रशासन ने प्रतिमा को हरकी पैड़ी की बजाय शंकराचार्य चौक के पास गंगनहर किनारे लगाने की तैयारी की। इसकी जानकारी होते ही बड़ी संख्या में संत चौक पर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन करने लगे।
इसी बीच कार्यक्रम में आयोजक राज्यसभा सांसद तरुण विजय मौके पर पहुंचे और संतों को समझाने की कोशिश की, पर संत किसी भी कीमत पर मानने को तैयार नहीं हुए।
रात करीब साढ़े दस बजे बड़ी संख्या संत शंकराचार्य चौक पहुंचे और यहां तमिल कवि थिरुवल्लुवर की प्रतिमा लगाने का विरोध किया।
आदि शंकराचार्य के बगल में मूर्ति लगाने का विरोध
तमिल कवि की मूर्ति के विरोध में उतरे संत
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संतों का कहना था कि जहां मूर्ति लगाई जा रही है, वह भूमि शंकराचार्य स्मारक समिति के नाम आवंटित है। यहां पहले से आदि शंकराचार्य की प्रतिमा लगी है। इसलिए दूसरी प्रतिमा यहां नहीं लगने नहीं दी जाएगी।
विरोध की सूचना पर प्रतिमा लगवाने में अहम भूमिका निभा रहे राज्यसभा सांसद तरुण विजय और डीएम हरबंस सिंह चुघ मौके पर पहुंचे। दोनों ने संतों को मनाने का प्रयास किया। लेकिन संतों ने उनकी एक न सुनी।
उन्होंने एकसुर में चेतावनी दी कि अगर कवि की प्रतिमा लगाई गई तो उसे उखाड़ फेंकेंगे। देर रात एक बजे तक विवाद जारी था। इस संबंध में आला अधिकारी कार्यक्रम आयोजक तरुण विजय के साथ डाम कोठी में काफी देर तक मंथन करते रहे।
संतों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं: तरुण विजय
वार्ता करने पहुंचे पूर्व राज्यसभा सांसद तरुण विजय
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उधर, शंकराचार्य चौक पर आचार्य विशोखानंद सरस्वती, महामंडलेश्वर गिरधर गिरी महाराज, स्वामी आनंद चैतन्य महाराज, महंत रविंद्र पुरी, महंत जमनादास, स्वामी विवेकानंद, स्वामी देवानंद समेत बड़ी संख्या में संत मौजूद थे।
संत हमारे सम्मानित हैं। उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाने का हमारा इरादा नहीं है। उन्हें नाराज करके कोई भी निर्णय नहीं लिया जाएगा। जहां तक बुधवार को होने वाले कार्यक्रम की बात है, कोई न कोई बीच का रास्ता निकाल लिया जाएगा।
-तरुण विजय, राज्यसभा सांसद
प्रतिमा स्थापना समारोह आज
प्रतिमा स्थापना समारोह बुधवार सुबह 11 बजे होगा। इसमें उत्तराखंड के राज्यपाल डॉ. केके पॉल और मुख्यमंत्री हरीश रावत के साथ ही मणिपुर और राजस्थान, महाराष्ट्र और यूपी के राज्यपाल समेत कई अति विशिष्ट अतिथियों के भाग लेने की उम्मीद है। मेघालय के राज्यपाल तो हरिद्वार पहुंच भी गए हैं।
Published By : Vivek Singh