गोद लिए गए गोवर्धनपुर गांव का विकास न होने की खबरों पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा सांसद रमेश पोखरियाल निशंक भड़क गए। कहा कि उनके द्वारा गोद लिया गया गोवर्धनपुर गांव विकास की दृष्टि से देश में सातवां स्थान पर है और प्रदेश में पहले स्थान पर है। उन्होंने गांव में हुए विकास कार्यों को एक-एक कर गिनाया।
जो कार्य नहीं हो पाए उनके लिए प्रदेश सरकार को दोषी ठहराया। लेकिन सांसद निधि से उन्होंने गोद लिए गए गांव में कितना बजट खर्च किया और सांसद क्षेत्र में कहां-कितना बजट खर्च किया इसका जवाब नहीं दे पाए।
बृहस्पतिवार को प्रेसक्लब में पत्रकार वार्ता में सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि गोवर्धनपुर गांव में एनजीओ के माध्यम से कई विकास कार्य करवाए गए हैं। गांव में दूध बिकने के साथ अब वहां के निवासी अपनी उगाई सब्जी का उपयोग करते हैं।
गांव में शत-प्रतिशत टीकाकरण हुआ है, 181 लोगों को पेंशन मिल रही है, पौधरोपण के साथ बागवानी भी लोग कर रहे हैं, तालाब, व्यायाम शाला के साथ कई सड़कें गांव में बनाई गई हैं। पानी के लिए 1.3 करोड़ रुपये की लागत से टैंक बन रहा है।