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सांसद आदर्श ग्राम योजना: आदर्श बनाने के लिए चार सांसद अब तक नहीं खोज पाए गांव, जिनसे सबसे ज्यादा उम्मीद, वही सबसे पीछे

Tue, 17 May 2022 01:48 PM IST
शाहरुख खान राकेश खंडूड़ी, अमर उजाला, देहरादून

सार

हरिद्वार के सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, राज्य सभा सांसद अनिल बलूनी, प्रदीप टम्टा और नरेश बंसल ने अभी तक एक भी गांव का चयन नहीं किया है, जबकि उनमें से कुछ से कम से कम 20219-20 और 2020-21 तक कम से कम दो गांवों को गोद लेने की उम्मीद की जा रही थी। 
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उत्तराखंड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तराखंड के पांच सांसद आदर्श बनाने के लिए अभी तक गांवों की खोज नहीं कर पाए हैं। सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत प्रत्येक सांसद से 2024 तक कम से कम आठ गांवों को आदर्श बनाने की जिम्मेदारी लेने की अपेक्षा की गई है। योजना के तहत पौड़ी गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत, नैनीताल-ऊधमसिंह नगर के सांसद अजय भट्ट, अल्मोड़ा के सांसद अजय टम्टा को छोड़कर बाकी सभी सांसद अभी तक गांवों का चयन तक नहीं कर पाए हैं जिनका उन्हें सामाजिक, आर्थिक और ढांचागत विकास करना है।  

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टिहरी गढ़वाल की सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह अभी तक आदर्श गांव बनाने के लिए सिर्फ एक क्यारा ग्राम पंचायत का चयन कर पाई हैं। यह ग्राम पंचायत रायपुर विकासखंड में है। 2020-21 से लेकर 2023-24 तक के लिए भी उन्हें ऐसे कम से कम पांच गांव चुनने थे, लेकिन शासन को उनके इस चुनाव का लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।

केवल गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत ही हैं जिन्होंने 2019-20 से लेकर 2023-24 तक कुल पांच गांवों को आदर्श बनाने की जिम्मेदारी ली है। सांसद अजय भट्ट ने 2019-20 से 2021-22 तक तीन गांव और अल्मोड़ा के सांसद अजय टम्टा ने 2019-20 से 2022-23 तक चार गांवों की जिम्मेदारी ली है। 

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एक भी गांव का चयन नहीं किया

हरिद्वार के सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, राज्य सभा सांसद अनिल बलूनी, प्रदीप टम्टा और नरेश बंसल ने अभी तक एक भी गांव का चयन नहीं किया है, जबकि उनमें से कुछ से कम से कम 20219-20 और 2020-21 तक कम से कम दो गांवों को गोद लेने की उम्मीद की जा रही थी। 

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सांसद आदर्श ग्राम पंचायत चयन की स्थिति लोकसभा सदस्य

सांसद                                  2019-20                  20-21               21-22                22-23        23-24
अजय भट्ट                            जंगलियागांव                 देवीधुरा           देवलामल्ला               -                   -
तीरथ सिंह रावत                        सिरतोली                   बेराई              स्यूर बांगर          बड़ागांव       मल्लाबनास
अजय टम्टा                                    सुनोली                 गोशानी            गोगना               मजकोट           -
माला राज्यलक्ष्मी                             क्यारा                      -              -                           -                       -
डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक                -                          -            -                          -
राज्य सभा सदस्य
अनिल बलूनी           -                -          -                 -
प्रदीप टम्टा             -                   -          -                 -
नरेश बंसल         -                     -         -                -
(नोट : आंकड़े 31 मार्च 2022 तक के हैं) बाकी सांसदों के आदर्श गांव की सूची प्रतीक्षारत है।
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जय प्रकाश नारायण की जयंती पर शुरु की गई थी योजना

वर्ष 2014 में जय प्रकाश नारायण की जयंती पर यह योजना शुरू की गई थी। इस योजना के तहत संसद सदस्यों को वर्ष 2019 तक तीन गांव और वर्ष 2024 तक कुल आठ गांवों के सामाजिक व आर्थिक विकास की जिम्मेदारी लेनी है। पहला आदर्श गांव वर्ष 2016 तक और दो अन्य को वर्ष 2019 तक विकसित करना था।

मैं योजना को व्यवहारिक नहीं मानता : टम्टा
कांग्रेस के राज्य सभा सांसद प्रदीप टम्टा का कार्यकाल अब समाप्त होने जा रहा है। छह साल के कार्यकाल में टम्टा ने एक भी गांव गोद नहीं लिया। बकौल टम्टा, सांसद आदर्श ग्राम योजना व्यावहारिक नहीं है। लोकसभा सदस्य पर किसी एक गांव को आदर्श बनाने की जिम्मेदारी डालना अव्यावहारिक है। जब तक राज्य व केंद्र सरकार सहयोग नहीं करेंगी, सांसद के लिए आदर्श गांव बनाना मुमकिन नहीं। 

मैंने गांवों की सूची मांगी है : बंसल
राज्य सभा सांसद नरेश बंसल का कहना है कि उन्होंने राज्य सरकार से हरिद्वार और देहरादून जिले में ऐसी ग्राम पंचायत का नाम मांगा है, जहां वास्तव सामाजिक, आर्थिक और ढांचागत रूप से काम किया जा सके। कुछेक दिन में वह चयन कर नाम दे देंगे।
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