बाजार में खनन सामग्री के दाम में आए उछाल ने प्रदेश सरकार को टेंशन में डाल दिया है। कैबिनेट की बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठा और उन कारणों का जानने का प्रयास हुआ, जिनकी वजह से रेता-बजरी और बोल्डर के दाम में बढ़ोत्तरी हुई है।
कैबिनेट ने मुख्य सचिव एस. रामास्वामी को मूल्यवृद्धि पर लगाम कसने का जिम्मा सौंपा है, मगर सूत्रों की मानें तो यह इतना आसान नहीं होगा। बता दें कि गठन के बाद से ही प्रदेश सरकार का अवैध खनन को लेकर बेहद कड़ा रुख है।
उसको उच्च न्यायालय के स्तर पर जारी आदेशों पर भी अमल करना पड़ा, जिससे गंगा नदी में खनन पर रोक रही। जब रोक हटी तो काफी समय गुजर चुका था। जानकारों की मानें तो अवैध खनन पर सख्ती के बाद से बाजार में खनन सामग्री की आवक कम हुई है, जबकि मांग लगातार बढ़ रही है। मांग की तुलना में खनन सामग्री की कम आपूर्ति से दाम आसमान छू रहे हैं।