देहरादून। उत्तराखंड चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत ने केंद्र सरकार से देश में सनातन धर्म संरक्षण परिषद गठित करने की मांग की है। महापंचायत ने कहा, सभी हिंदू मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त रखा जाए।
चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल की अध्यक्षता में वर्चुअल बैठक में सरकारी नियंत्रण वाले अधिकांश मंदिरों में अनियमितताओं को देखते हुए सभी हिंदू मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने की मांग की। साथ ही सनातन धर्म संरक्षण परिषद में तीर्थ पुरोहित, पुजारी और मंदिरों के हक-हकूकधारियों व अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों को भी परिषद में शामिल करने का सुझाव दिया गया।
महापंचायत पदाधिकारियों ने बदरीनाथ प्रकरण को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से जांच समिति गठित करने के फैसले को सराहा। महापंचायत ने उम्मीद जताई कि जांच सही निष्कर्ष पर पहुंचेगी। केदार सभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी ने पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के देवस्थानम बोर्ड के पक्ष में दिए गए बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि पहले वे चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड की उपलब्धियां जनता के सामने रखें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ऐसा कोई कदम उठाती है तो उसका विरोध किया जाएगा।
महापंचायत के महासचिव डॉ. बृजेश सती ने बताया कि बैठक में तीन प्रस्ताव पारित किए गए। सनातन बोर्ड परिषद गठन को लेकर अखिल भारतीय स्तर पर जल्द ही बैठक की जाएगी। बैठक में आगे की रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। बैठक में आचार्य संतोष त्रिवेदी, पुरुषोत्तम उनियाल, उमेश सती, रजनीकांत सेमवाल, प्रशांत डिमरी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।