पछवादून और जौनसार बावर क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया। बारिश के कारण जहां मैदानी क्षेत्रों के गली-मोहल्लों, सड़कों और खेतों में भारी जलभराव हो गया है, वहीं पहाड़ी इलाकों में जगह-जगह भूस्खलन का सिलसिला जारी है। कुंजा गांव में एक मकान धराशायी हो गया, जबकि कई अन्य घरों में दरारें आई हैं। वहीं, बरसाती नदी-नालों का जलस्तर भी खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है।बुधवार देर रात से जारी बारिश के चलते कुंजाग्रांट निवासी इकराम के कच्चे मकान की दीवारें ढह गईं, जिससे छत पर लगा टिन शेड भी नीचे आ गिरा। गनीमत रही कि घटना के वक्त घर में मौजूद लोगों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचा ली, हालांकि सारा घरेलू सामान मलबे में दबकर खराब हो गया। ग्राम प्रधान मुसब्बर अली ने बताया कि क्षेत्रीय पटवारी को नुकसान की रिपोर्ट दे दी गई है।
जुड्डो में मलबा आने से दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे बाधित
कालसी क्षेत्र के जुड्डो में गुरुवार सुबह भारी मलबा आ जाने से दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। लोक निर्माण विभाग की टीम ने दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह छह बजे मलबा हटाया, लेकिन सात बजे फिर से मलबा आ गया। इसके चलते दोनों ओर यात्री, किसान और लोडर वाहन घंटों फंसे रहे। राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के अवर अभियंता जयप्रकाश सेमवाल ने बताया कि शाम लगभग चार बजे मार्ग से मलबा हटाकर यातायात को पूरी तरह सुचारू कर लिया गया।
जजरेड़ में दिनभर गिरते रहे पत्थर, आवाजाही में जोखिम
कालसी-साहिया मुख्य मोटर मार्ग के अति संवेदनशील जोन जजरेड़ में दिनभर पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरता रहा। लोनिवि के कर्मचारी जान जोखिम में डालकर बीच-बीच में जेसीबी से मलबा हटाते रहे और वाहनों को एक-एक कर निकाला गया। इसके अलावा साहिया क्षेत्र के साहिया-क्वानू, कालसी-बैराटखाई, डेवडीलानी-ठलीन-सकरोल, सावड़ा-डूंगरी, सिल्ली खड्ड-कुनैन और पीआरडी मोटर मार्ग भी मलबा आने से बंद हो गए।
मकानों पर मंडराया खतरा, मार्ग खोलने का काम युद्धस्तर पर
बारिश और भूस्खलन के कारण चैमा-बैरावा मोटर मार्ग के ऊपरी हिस्से में स्थित स्थानीय ग्रामीण दीवान सिंह, अतर सिंह और महावीर के मकानों पर गिरने का खतरा उत्पन्न हो गया है। लोनिवि चकराता के अधिशासी अभियंता विजय कुमार मोघा और साहिया की सहायक अभियंता राधिका शर्मा ने बताया कि ज्यादातर मार्गों से मलबा हटाकर यातायात चालू कर दिया गया है। शेष बंद मार्गों को खोलने के लिए जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं और काम युद्धस्तर पर जारी है।
नदी-नालों से दूर रहने की अपील
जौनसार बावर के त्यूणी और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही बारिश से टोंस और यमुना सहित सभी बरसाती नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। सावड़ा-कुडडु बांध से हर पांच घंटे में पानी छोड़ा जा रहा है। इसे देखते हुए विभागीय अधिकारियों ने अलर्ट जारी करते हुए लोगों को नदी-नालों के आसपास न जाने की सख्त हिदायत दी है।