नारी निकेतन से एक साल बाद नेपाल की रिया अपने वतन लौट गई। रिया के माता-पिता तो इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन नेपाल में उसकी चाची जरूर है, हालांकि रिया फिलहाल नेपाल के एक पुनर्वास केंद्र गई है।
नारी निकेतन से संवासिनियों की वापसी के बाद एक-एक कर रास्ते खुलते जा रहे हैं। नारी निकेतन से नेपाल की संवासिनियां गई तो उन्होंने रिया के लिए भी दरवाजे खोल दिए। नेपाल जाकर रिया के घर वालों की तलाश की तो उसकी एक चाची से उनका संपर्क हो गया। ललितपुर के पुनर्वास केंद्र वालों से बात हो गई।
माता-पिता नहीं पर देश तो अपना
पुनर्वास केंद्र वाले रिया को ले जाने के लिए तैयार हुए और उन्होंने दून की संस्थाओं से संपर्क साधा। सोमवार को केंद्र के सदस्य रिया को लेने आए तो उसके चेहरे पर अलग ही मुस्कान बिखर पड़ी। रिया बोली भले ही मेरे माता-पिता नहीं हैं लेकिन वो देश तो मेरा अपना है, वहां सब अपने जैसे लोग तो होंगे।
जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट ने बताया कि फिलहाल रिया पुनर्वास केंद्र में रहेगी। यदि उसकी इच्छा हुई तो अपनी चाची के पास भी जाकर रह सकती है। बताया कि रिया को शांति पुनर्वास केंद्र के सदस्यों को सौंप दिया गया है।