देहरादून नारी निकेतन की बीमार संवासिनियों के अस्पताल पहुंचने का सिलसिला जारी है।
बुधवार को भी तीन संवासिनियों को दून अस्पताल में भर्ती कराया गया। कमजोरी के चलते चक्कर, डायरियाल और पेट में सूजन की शिकायत पर पहुंची संवासिनियों की जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें भर्ती कर लिया। पहले से अस्पताल में भर्ती सभी आठ संवासिनियों की हालत फिलहाल स्थिर है।
बता दें कि बीते शुक्रवार और शनिवार को दो संवासिनियों की मौत के बाद से हर दिन किसी न किसी संवासिनी को अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है। अब तक दून अस्पताल में 11 संवासिनियां भर्ती कराई जा चुकी है। दून अस्पताल में इनके इलाज के लिए अलग वार्ड ही बना दिया गया है।
बुधवार को नारी निकेतन से तीन संवासिनियों कुमकुम (33), रेनू (45) और कोमोलिका (25) को दून अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया। जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें भर्ती करने की सलाह दी। इएमओ डा. राहुल जोशी ने बताया कि कुमकुम को कमजोरी के कारण बार-बार चक्कर आ रहे हैं। रेनू को डायरिया और कोमोलिका को पेट में सूजन की शिकायत है।
तीनों के ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। दूसरी ओर, पहले से अस्पताल में भर्ती शालिनी (45), कुसुम (35), आसमां (40), हिना (22), रामदुलारी (40), इंद्रावती (25), कंचन (45) और रजिया (36) की हालत स्थिर है। संवासिनियों की देखरेख कर रहे अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डा. केसी पंत ने बताया कि फिलहाल सभी की हालत स्थिर है।
लगातार देखभाल और दवाओं से उनकी तबियत में सुधार हुआ है। खाने और दवाओं का नियमित ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि सभी संवासिनियों में खून की कमी (एनीमिया) के कारण ज्यादा दिक्कत हो रही है।
किशोर उपाध्याय ने जाना हाल
बुधवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय भी संवासिनियों का हाल-चाल पूछने दून अस्पताल पहुंचे। उन्होंने चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी ली। साथ ही उपचार में किसी भी तरह की कमी नहीं रखने के निर्देश दिए।
किशोर ने कहा कि वह संवासिनियों के लिए स्थायी मनोचिकित्सक की नियुक्ति के लिए सीएम से आग्रह करेंगे। उनके साथ नरेंद्रनगर विधायक सुबोध उनियाल, वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी मोहन खत्री, कांग्रेस महानगर अध्यक्ष पृथ्वीराज चौहान समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।