आखिरकार अजय भट्ट के सिर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष का ताज सज गया। गुरुवार को केंद्रीय पर्यवेक्षक ने भाजपा मुख्यालय में इसकी घोषणा की।
इससे पहले सुबह से ही बैठकों का दौर जारी था। देहरादून स्थित बीजेपी प्रदेश कार्यालय में बाहर से ताला लगाकर अंदर प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर मंथन किया गया।
भाजपा पिछली बार की तरह अध्यक्ष को लेकर इस बार भी कई धड़ों में बंट गई। प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ से बाहर हो चुके पुराने धुरंधर अलग अलग नेताओं पर दांव चलने लगे। इस कारण से पिछली बार जैसे हालात पार्टी में पैदा हो गए।
खासतौर पर त्रिवेंद्र सिंह रावत को रोकने और धनसिंह रावत को आगे लाने के लिए कई गुट एक साथ हो लिए थे। उधर, अजय भट्ट पहले से ही सरीखे दावेदार दिखाई दे रहे थे।