लैंसडौन वन प्रभाग में बड़े उद्योगपति समीर थापर सहित उनके 16 साथियों को जंगल के कानून तोड़ने के मामले में डीएफओ पौड़ी मयंक शेखर को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं केंद्र सरकार की ओर से त्वरित कार्रवाई करने के बदले एसएसपी पौड़ी मुख्तार मोहसीन को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। आईपीएस मुख्तार मोहसीन को महिला एंव बाल विकास मंत्री मेनका संजय गांधी की ओर से एक प्रशस्ति पत्र प्राप्त हुआ है।
बता दें कि मंगलवार को कोटद्वार की सीजेएम कोर्ट में समीर थापर सहित अन्य 16 आरोपियों को जमानत दिलाने के लिए जाने माने अधिवक्ताओं का जमावड़ा लग गया। दोपहर बाद कोर्ट की सुनवाई शुरू होनी थी। इस दौरान कोर्ट में सुप्रीम कोर्ट के वकील राजीव आत्मा और राजेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।
वहीं सोमवार को कार्बेट नेशनल पार्क से सटे लैंसडौन वन प्रभाग के आरक्षित वन क्षेत्र में नए साल का जश्न मनाने के दौरान वन कानून, आर्म्स एक्ट और आबकारी अधिनियम के उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार उद्योगपति समीर थापर व जयंत नंदा समेत 16 लोगों को पौड़ी जेल भेज दिया गया था।
आरोपियों की ओर से एसीजेएम भवदीप रावते की अदालत में जमानत के लिए प्रार्थनापत्र लगाया गया था, लेकिन अदालत ने सुनवाई के लिए मंगलवार की तिथि निर्धारित कर दी है। मंगलवार को कोर्ट में उनकी जमानत पर बहस होगी। कोर्ट के आदेश पर कोटद्वार पुलिस सोमवार को रसूखदार आरोपियों को जीएमओयू की साधारण बस में बिठाकर पौड़ी जेल ले गई।
उधर, थापर-नंदा जैसे लोगों की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही दिल्ली से कई नामी वकील कोटद्वार पहुंच गए। आरक्षित वन क्षेत्र में वन कानूनों के उल्लंघन समेत कई धाराओं में दर्ज इस मुकदमे की जांच कालागढ़ के इंस्पेक्टर को सौंप दी गई है।
विवेचना अधिकारी ने सोमवार को कोटद्वार पुलिस टीम के साथ घटनास्थल का मौका मुआयना कर साक्ष्य एकत्र करते हुए विवेचना शुरू कर दी। पुलिस के सर्च आपरेशन के बाद दर्ज मुकदमे से वन विभाग में हड़कंप मचा है।