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सल्ट उपचुनाव : ओपिनियन और एग्जिट पोल पर प्रतिबंध, सांस्कृतिक दलों के ऑडिशन टले

Sun, 28 Mar 2021 11:22 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal सुधाकर भट्ट, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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सल्ट विधानसभा उपचुनाव की आचार संहिता के चलते कुंभ मेले के लिए सांस्कृतिक दलों के ऑडिशन स्थगित कर दिए गए हैं। केंद्रीय चुनाव आयोग ने भी उपचुनाव को लेकर ओपिनियन और एग्जिट पोल पर प्रतिबंध लगाया है।  

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सूचना महानिदेशक रणवीर सिंह चौहान के मुताबिक, प्रदेश के सांस्कृतिक दलों का पंजीकरण व ऑडिशन टाल दिए गए है। देहरादून में पांच अप्रैल से और अल्मोड़ा में 15 अप्रैल से ऑडिशन होने थे। अल्मोड़ा में ऑडिशन सल्ट विधानसभा उपचुनाव की आचार संहिता के चलते टालने पड़े। जबकि देहरादून में कुंभ मेले के तहत ऑडिशन स्थगित किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि शासन की नीतियों, कल्याणकारी विकास योजनाओं तथा उपलब्धियों के प्रचार-प्रसार के लिऐ प्रकदेश के सांस्कृतिक दलों का पंजीकरण किया जाना है। इस बीच 10 अप्रैल तक इच्छुक सांस्कृतिक दल संबंधित जिला सूचना कार्यालय में अपना आवेदन जमा करा सकते हैं। ऑडिशन की नई तिथि दोबारा से तय की जाएगी। 
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 29 अप्रैल तक एग्जिट पोल पर रोक

सल्ट विधानसभा उपचुनाव के ओपिनियन और एग्जिट पोल पर प्रतिबंध रहेगा। एग्जिट पोल पर शनिवार से 29 अप्रैल तक रोक रहेगी। जबकि उपचुनाव के 48 घंटों की अवधि के दौरान किसी भी इलेक्ट्रानिक मीडिया में किसी भी ओपिनियन पोल या अन्य किसी मतदान सर्वेक्षण परिणामों सहित किसी भी तरह के चुनाव संबंधी मामले के प्रदर्शन पर रोक रहेगी। भारत निर्वाचन आयोग के सचिव एनटी भूटिया ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है।

उम्मीदवार घोषित करने के मामले में एक दूसरे को तौल रहे हैं भाजपा और कांग्रेस

सल्ट विधानसभा सीट का उपचुनाव रोचक होता जा रहा है। अभी तक कांग्रेस और भाजपा दोनों ही प्रमुख दलों ने अपने-अपने उम्मीदवार घोषित नहीं किए हैं। ऐसे में अभी उम्मीदवारों को लेकर कयास का दौर जारी है।  भाजपा की बात करें तो 23 मार्च को पार्टी का उम्मीदवार फाइनल होने ही वाला था लेकिन बाद में फैसला होली तक टाल दिया गया। इससे पहले पार्टी आलाकमान ने सल्ट चुनाव के लिए कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य, धन सिंह रावत, पार्टी महामंत्री सुरेश भट्ट की तीन सदस्यीय कमेटी बनाई थी।

जब बात नहीं बनी तो इस कमेटी का और भी विस्तार किया गया। इसमें तीन और नाम जोड़े गए हैं, जिनमें नैनीताल सांसद अजय भट्ट, अल्मोड़ा सांसद अजय टम्टा और पूर्व विधायक कैलाश शर्मा को शामिल किया गया है। पार्टी के आला नेताओं की ओर से स्पष्ट इशारा है कि किसी भी हाल में सल्ट सीट को बचाना है। 

क्योंकि उत्तराखंड में नेतृत्व परिवर्तन एक ऐसा मुद्दा है, जिस पर सल्ट का नतीजा बताएगा कि यह सही फैसला था या गलत। पार्टी में दिवंगत विधायक सुरेन्द्र जीना के बड़े भाई महेश जीना के नाम पर सबसे ज्यादा चर्चे हैं। इधर, अब कांग्रेस भी पूरे जोर शोर से चुनाव में उतर गयी है। पार्टी में दो नामों पर मंथन चल रहा है। सल्ट ब्लॉक प्रमुख विक्रम रावत और गंगा पंचोली।

कयास लग रहे हैं कि अगर कांग्रेस गंगा पंचोली को टिकट देती है तो भाजपा शायद अपनी रणनीति बदल दे। पिछले विधानसभा चुनाव में गंगा पंचोली बहुत कम वोटों से हारी थीं। गंगा पंचोली को टिकट मिलने की सूरत में देखने वाली बात होगी कि भाजपा किस पर दांव खेलती है। या किसी और उम्मीदवार को टिकट देगी। जिसमें सीएम भी शामिल हो सकते हैं। 

नामांकन में होगा शक्ति प्रदर्शन

संभावना है कि 30 मार्च को कांग्रेस और भाजपा के प्रत्याशी अपना नामांकन करेंगे। दोनों ही दलों की ओर से शक्ति प्रदर्शन भी किया जाएगा। भाजपा की ओर से महेश जीना सबसे ज्यादा सक्रिय हैं तो कांग्रेस की ओर से गंगा पंचोली और विक्रम रावत बराबर मेहनत कर रहे हैं। संभावना है कि रविवार तक दोनों ही पार्टी अपने अपने उम्मीदवार घोषित कर देंगी।

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