उत्तराखंड के त्यूनी में तहसील मुख्यालय से 45 किमी दूर दुर्गम में बसे भटाड़ गांव निवासी वीरेंद्र शर्मा गांव में ही छोटी सी दुकान चलाते हैं। नोटबंदी के चलते उनके पास अब नया स्टॉक खरीदने के लिए पैसे नहीं है।
गांव में एकमात्र दुकान होने के चलते आलम यह है कि लोगों को नमक खरीदने के लिए 120 रुपये खर्च कर 45 किमी दूर त्यूनी के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
बकौल वीरेंद्र जब वह सामन खरीदने के लिए बड़े व्यापारी के पास जाते हैं तो वह खुले पैसे मांगते हैं।