वेतन विसंगति समिति की सिफारिशों के मुद्दे पर देहरादून सचिवालय में उठ खड़ा हुआ बवाल फिलहाल थम गया है। इस प्रस्ताव को कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद से सचिवालय संघ की त्यौरियां चढ़ी हुई थीं। एक दिन पहले आम सभा में लिए फैसले के तहत शुक्रवार को सभी संवर्गीय कार्मिकों ने कार्य बहिष्कार किया।
सुबह के समय एंट्री गेट पर प्रवेश न करने को लेकर सचिवालय संघ के पदाधिकारियों के साथ अफसरों की नोक-झोंक भी हुई। कार्य बहिष्कार का खासा असर दिनभर सचिवालय में देखने को मिला। शाम को कार्यवाहक मुख्य सचिव ने पंद्रह दिन के भीतर संघ की मांगों का निस्तारण करने का आश्वासन दिया, तब जाकर स्थिति सामान्य हो सकी।
बहिष्कार के चलते विभागों और अनुभागों से कर्मचारी काम से विरत रहे। सचिवालय कार्मिकों के विरोध को देखते हुए शुक्रवार सुबह ही मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सचिवालय संघ को वार्ता के लिए बुलाया। संघ की ओर से अध्यक्ष दीपक जोशी, महासचिव प्रदीप पपनै आदि संवर्गीय संघों के पदाधिकारी सीएम से वार्ता करने पहुंचे। वार्ता में वित्त मंत्री प्रकाश पंत, मुख्य सचिव डा. रणबीर सिंह भी मौजूद थे।
करीब एक घंटे से अधिक चली वार्ता में संघ को वेतन विसंगति समिति की सिफारिशों पर पुनर्विचार कर दोबारा कैबिनेट में फैसला करने और मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हाई पावर कमेटी के साथ बैठक कर अन्य मांगों को समाधान करने का समय दिया गया। हालांकि, इस आश्वासन के बाद भी संघ ने कार्य बहिष्कार का फैसला वापस नहीं लिया। इसके बाद कार्यवाहक मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हाई पावर कमेटी के साथ संघ की मांगों पर बैठक हुई, जिसमें शासन ने सभी मांगों के समाधान के लिए संघ पदाधिकारियों से समय मांगा। संघ ने मांगों का समाधान करने को 15 दिन का समय दिया।
सचिवालय संघ के साथ हुई बातचीत के बाद अपर मुख्य सचिव रणबीर सिंह ने कहा कि शासन व कर्मचारियों के बीच संवाद की गलतफहमी के कारण सचिवालय में यह स्थिति उत्पन्न हुई है। उन्होंने माना कि वेतनमान को लेकर सचिवालय संवर्ग के अधिकारियों व कर्मचारियों का पक्ष नहीं सुना गया। वेतनमान कम करने के मुद्दे पर वार्ता में मुख्यमंत्री ने वेतन विसंगति समिति की सिफारिश पर पुनर्विचार कर दोबारा कैबिनेट में लाने का आश्वासन दिया है।
उन्होंने कहा कि वेतन विसंगति समिति की सिफारिशें वर्तमान में सीधी भर्ती या पदोन्नति से तैनात कार्मिकों पर लागू नहीं होंगी। लोक सेवा आयोग को भेजे गए समीक्षा अधिकारी के 114 पदों की भर्ती के अधियाचन पर भी सिफारिश लागू नहीं होगी। भविष्य में होने वाली सीधी भर्ती में ही यह नियम लागू होगा। उन्होंने कहा कि समीक्षा अधिकारी, फार्मासिस्ट, मानचित्र कार, उद्यान समीक्षक के ग्रेड पे को लेकर कार्मिकों के सुझाव को वेतन विसंगति समिति के समक्ष रखा जाएगा। सोमवार से सचिवालय सेवा के सभी कार्मिक काम पर रहेंगे।
दिन भर चला कार्य बहिष्कार, अनुभागों में ताले
देहरादून। वेतनमान घटाने संबंधी वेतन विसंगति समिति की सिफारिशों को लागू करने के फैसले से भड़के सचिवालय कार्मिकों के शुक्रवार को कार्य बहिष्कार का खासा असर देखने को मिला। सचिवालय में पूरी तरह कामकाज ठप रहा। ज्यादातर अनुभागों व अधिकारियों के कार्यालयों का ताला तक नहीं खुला। यह स्थिति देख दोपहर बाद अधिकतर अधिकारी वापस घर लौट गए, जिससे सचिवालय में सन्नाटा पसर गया। सुबह के समय एंट्री गेट पर प्रवेश से रोकने को लेकर सचिवालय संघ के पदाधिकारियों के साथ अधिकारियों की नोकझोंक भी हुई। हालांकि बाद में वाहनों को सचिवालय परिसर में जाने दिया गया। कार्य बहिष्कार में सभी संवर्गों के कार्मिकों ने सचिवालय संघ के विरोध का समर्थन किया।