उत्तराखंड के सीएम विजय बहुगुणा के बेटे साकेत बहुगुणा की सरकार में खासी पकड़ है इस बात को हड़ताली कर्मचारी मानने लगे हैं। तमाम धरने-प्रदर्शन को खत्म करवाने और विवादों को सुलझाने में साकेत के खास भूमिका अदा करने की वजह से यह स्थिति बनी है।
सरकार में साकेत की पकड़ मजबूत
यही नहीं विपक्ष के निशाने पर भी साकेत रहने लगे हैं। यही वजह है कि अब लोग साकेत को सन आफ सरकार कहने लगे हैं। इस समय हड़ताल कर रहे प्रदेश के करीब दो लाख सरकारी कर्मचारी भी सरकार में साकेत की पकड़ को अच्छी तरह से जानते हैं।
यही वजह है कि वह रविवार को अपनी मांगों के संबंध में साकेत से मिलने पहुंच गए। सरकारी कर्मचारियों का मानना है कि कुछ समय पहले मिनिस्ट्रीयल की हड़ताल तुड़वाने और मांगों को शासन से मनवाने में साकेत का हाथ रहा है। इसके अलावा भी कई मामलों को सुलझाने में साकेत खास रोल अदा कर चुके हैं।
विवादों में भी रहे साकेत
पलटन बाजार में वाहनों की आवाजाही हो या कोई प्रदर्शन, साकेत अक्सर मध्यस्थता करने पहुंच जाते हैं और उसे अंजाम तक पहुंचाते रहे हैं। हालांकि, विवाद भी साकेत को घेरे रहते हैं।
चकराता रोड रिडेवलपमेंट में व्यापारी दबी जुबान कह रहे हैं कि दुकानों को तुड़वाकर मॉल बनाने की योजना के केंद्र में साकेत ही हैं। आपदा के समय हेलीकाप्टर का उपयोग करने के लिए भी भाजपा ने साकेत को घेरा था। ऋषिकेश के आमबाग भूमि आवंटन मामले में भी भाजपा ने साकेत पर ही आरोप जड़ा था।