सनातन परंपरा के अनुसार कुंभ आयोजन के श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के संत-महंत चातुर्मास (चौमासा प्रवास) के लिए श्री दरबार साहिब पहुंचे। संत-महंतों का उदासीन भेष संरक्षण समिति के अध्यक्ष व श्री दरबार साहिब के श्रीमहंत देवेन्द्र दास महाराज की अगुवाई में जोरदार स्वागत किया गया। ये संत देशभर का भ्रमण कर सनातन धर्म संस्कृति का प्रचार करते हैं।
आचार्य श्रीचंद्र भगवान व श्री गुरु राम राय महाराज के जयकारों के साथ आगंतुक संत-महंतों पर पुष्पवर्षा की गई। संस्कृत विद्यालय के छात्रों ने स्वास्तिक मंत्रोचारण से सभी को भाव विभोर कर दिया। व्यवस्थापक केसी जुयाल ने बताया कि सनातम धर्म की परंपरा के अनुपालन में हर कुंभ आयोजन के बाद श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के तपस्वी संत-महंत श्री दरबार साहिब पहुंचते हैं।
श्रीमहंत रघुमुनि महाराज, श्रीमहंत उमेश्वर दास महाराज, श्रीमहंत दुर्गादास महाराज व श्रीमहंत अदित्यानंद महाराज की अगुवाई में साधु संत-महंतों का यह प्रतिनिधिमंडल आगामी चार महीनों के लिए श्री दरबार साहिब में प्रवास पर रहेगा। इन्हें तपस्वी संतो का चलता फिरता तीर्थ माना जाता है।
साधु-संतों ने वैदिक विधि विधान के साथ गणेश-पंचदेव व कलश पूजन कर प्रवास का शुभारंभ किया। उन्होंने आचार्य श्री चंद्र भगवान व श्री गुरु राम राय महाराज की आरती व अरदास की। साथ ही कोरोना मुक्ति की कामना की। श्रीमहंत देवेन्द्र दास महाराज ने कहा कि सनातन धर्म संस्कृति और संस्कारों पर आधारित है। हमारे ऋषियों, मुनियों, संत-महंतों ने मानव जीवन को पवित्र बनाने के लिए संस्कारों का आविष्कार किया।