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राम मंदिर के लिए उपवास पर बैठे संत, कहा ‘असली हिंदू वही जो मंदिर के लिए अध्यादेश लाए’

Mon, 12 Nov 2018 08:31 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, रुड़की
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उपवास पर बैठे संत महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरी
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अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने की मांग के समर्थन में पंच दशनाम जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरी जी महाराज ने लक्ष्मीनारायण मंदिर के घाट पर सांकेतिक उपवास रखा।

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उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। अगर राम मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश या कानून नहीं बनाया जाता है तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। वहीं, अखाड़ा परिषद के प्रवक्ता बाबा हठयोगी ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए संत एकत्रित हो गए हैं।

यदि उनके धैर्य का बांध टूटा तो ऐसी सुनामी आएगी कि कोई भी नहीं बचा पाएगा। रविवार को एक दिवसीय उपवास पर बैठे पर स्वामी यतींद्रानंद को विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, भारत विकास परिषद सहित कई पार्टी के नेताओं ने लक्ष्मीनारायण मंदिर के घाट पर पहुंचकर अपना समर्थन दिया।
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इस दौरान यतींद्रानंद गिरी महाराज ने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद जी महाराज के छह दिसंबर को आमरण अनशन पर बैठने से पूर्व कोई सकारात्मक निर्णय आना चाहिए, नहीं तो स्थिति विस्फोटक हो जाएगी।

उन्होंने केंद्र सरकार से वादे के अनुरूप मंदिर निर्माण शुरू कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार कानून लाए और राम मंदिर ही नहीं बल्कि जनसंख्या नियंत्रण कानून भी बनाए। 

असली हिंदू वही जो मंदिर के अध्यादेश लाए

अखाड़ा परिषद के प्रवक्ता बाबा हठयोगी ने कहा कि यदि नेताओं के मन में पीड़ा होती तो अब तक राम मंदिर बन जाता। नेताओं पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि आज हर पार्टी के नेता हिंदू बनने लगे हैं, लेकिन हिंदुओं में भी दो क्वालिटी है, असली हिंदू और नकली हिंदू। उन्होंने कहा कि असली हिंदू वही होगा, जो मंदिर के लिए अध्यादेश लेकर आए।

बाबा हठयोगी ने कहा कि यदि पूर्ण बहुमत वाली केंद्र सरकार चाहती तो सत्ता में आते ही राम मंदिर पर विधेयक ले आती। मगर अयोध्या में तो मंदिर का निर्माण नहीं कर पाए, सऊदी अरब में जरूर मंदिर बनवा दिया।

जम्मू कश्मीर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यहां धारा 370 हटानी थी, लेकिन धारा 377 को कानूनी मान्यता दे दी। जम्मू-कश्मीर में जो युवा पत्थरबाज सेना के जवानों को निशाना बना रहे हैं, उन्हें भटका बताया जा रहा है। नक्सली युवाओं को भी भटका हुआ बताया जा रहा है।

हठयोगी ने कहा कि अब भी वक्त है, यदि मोदी सरकार चाहे तो अध्यादेश के माध्यम से मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हो सकता है। कोर्ट पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि कई गैरजरूरी मुद्दों पर देर रात कोर्ट खुलवाई जाती है, लेकिन राम मंदिर जैसे गंभीर मुद्दे पर तत्परता नहीं दिखाई जाती। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार धैर्य की परीक्षा ले रही है।

संत समाज का कहना है कि अब नेताओं पर विश्वास नहीं रह गया है, लेकिन साधु-संतों और जनता को ज्यादा दिन तक अंधकार में नहीं रखा जा सकता। साधुओं ने हुंकार भर दी है। देर हो गई, लेकिन मंदिर अवश्य बनेगा। संत व अन्य संगठन आरपार की लड़ाई लड़ेंगे और मंदिर बनवाकर रहेंगे।
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अयोध्या नहीं तो क्या पाकिस्तान में बनेगा राममंदिर : कैलाशानंद

बाजपुर में हरिद्वार के महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज ने कहा कि श्री राम जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर निर्माण करने के लिए देवभूमि में क्रांतिकारी बाजपुर से शंखनाद कर दिया गया है। उन्होंने सवाल किया कि अगर अयोध्या में श्री राम मंदिर नहीं बनेगा तो क्या पाकिस्तान में बनेगा? उन्होंने कहा कि सनातन समाज मंदिर निर्माण के लिए सरकार को विवश कर देगा।   

रामभवन धर्मशाला में रविवार को आयोजित विहिप के शंखनाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज ने कहा कि केंद्र सरकार जल्द ही भव्य राममंदिर निर्माण के लिए योजना बनाए। राम मंदिर निर्माण के लिए विहिप और आरएसएस का देश-दुनिया का हर एक सदस्य आंदोलन करने को तैयार है। श्री राम मंदिर निर्माण के लिए संत और हिंदू समाज अब और इंतजार नहीं कर सकता। सर्वोच्च न्यायालय से फैसला आने में हो रही देरी से संत और हिंदू समाज आहत है। उन्होंने सरकार ने संसद में अध्यादेश लाकर राम मंदिर निर्माण कराने को कहा। 

विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सुरेंद्र जैन ने कहा कि श्री राम मंदिर निर्माण के लिए और इंतजार नहीं होगा। अब रामभक्त बेचैन हैं। कोई अनहोनी ना हो इसलिए सरकार कानून बनाए। आक्रांताओं के नाम से बने शहरों के नाम को बदला जा रहा है जिससे राष्ट्रीय गौरव की स्थापना होगी। दिल्ली का नाम भी इंद्रप्रस्थ होना चाहिए। राममंदिर निर्माण के लिए कानून लाने का संसद पर पूरा भरोसा है। ऐसा नहीं हुआ तो जनवरी में धर्म संसद में राम मंदिर निर्माण का निर्णय लिया जाएगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता दीपक बाली और संचालन विहिप के जिलामंत्री यशपाल राजहंस ने किया। वहां पूर्व सांसद बलराज पासी, खटीमा विधायक पुष्कर सिंह धामी, राजेश कुमार, राजेंद्र गरौला, रंदीप पोखरिया, दीवान सिंह, कृष्ण गोपाल, कुंवर नेगी, प्रशांत पंडित, कैलाश जोशी, प्रिया सिंह, ज्योति, तेजप्रकाश शर्मा, गिरजा शंकर, भगवान गिरी, बिष्णु गिरी आदि सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। महामंडलेश्वर को त्रिशूल और अन्य अतिथियों को समृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
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