प्रतिनिधि मंडल में रामालय न्यास के सचिव स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष रसिक पीठाधीश्वर जन्मेजय शरण तथा देश के वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. पीएन मिश्र शामिल थे।
उधर, रामानंद संप्रदाय के सदस्य अयोध्या हनुमान गढ़ी के महंत बाबा राजू दास तथा दिगंबर अणि के स्वामी हठयोगी दिगंबर ने कहा कि राम मंदिर बनाने के लिए रामानंद संप्रदाय सबसे बड़ा अधिकारी है। अयोध्या का संबंध वैष्णव संतों से ही है। मांग की कि मंदिर के लिए बनाए जाने वाले ट्रस्ट में सरकार रामानंद संप्रदाय के संतों को सदस्य बनाए।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि महाराज ने कहा कि सरकार के ट्रस्ट का अखाड़ा परिषद स्वागत करती है। उन्होंने भी मांग की कि इस ट्रस्ट में अखाड़ा परिषद के दो प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए।
आरंभ से ही अखाड़ा परिषद राम जन्मभूमि आंदोलन को समर्थन देती आई है। राम जन्मभूमि न्यास की प्रत्येक बैठक में अखाड़ा परिषद ने भाग लिया है। इस नाते प्रतिनिधित्व आवश्यक है।