पत्रकारों से बात करते संत गोपालदास के परिजन
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अनशन करते हुए दिल्ली के एम्स में भर्ती रहने के बाद से लापता चल रहे संत गोपालदास की मां शकुंतला देवी और भाई नितिन शर्मा ने राज्य सरकार पर जानबूझकर संत गोपालदास को गायब कराने का आरोप लगाया है।
उनका आरोप है कि सरकार संतों की मांगों और गंगा की उपेक्षा की उपेक्षा कर रही है। उन्होंने स्वामी सानंद की मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग की है। दोनों मां बेटे ने गुरुवार से ही ऋषिकेश में त्रिवेणी घाट पर अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करने की चेतावनी दी है।
संत गोपालदास गंगा की अविरलता सहित हिमालयी क्षेत्र के संरक्षण की मांगों को लेकर अनशनरत हैं। विगत चार दिसंबर को वह दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती रहने के बाद से लापता हैं। यह भी दावा किया जा रहा है कि दिल्ली से आकर गोपालदास एक दिन देहरादून के दून अस्पताल में भर्ती रहे और यहां से लापता हुए। अभी तक उनका कुछ पता नहीं चल पाया है।
बुधवार को हरियाणा से गोपालदास की मां शकुंतला देवी और भाई नितिन शर्मा कनखल स्थित मातृसदन आश्रम में पहुंचे। यहां मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती के साथ पत्रकारों से वार्ता करते हुए शकुंतला देवी ने आरोप लगाया कि सरकार ने उनके बेटे को जानबूझकर लापता कराया है। उन्होंने गोपालदास को जल्दी ही तलाश कराने और गंगा की अविरलता को लेकर अपने प्राणों की आहुति देने वाले स्वामी सानंद की सभी मांगों को तत्काल पूरा कराने की मांग की है।
षड्यंत्र की आशंका जिसका पर्दाफाश होना चाहिए
इससे पहले मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने गंगा की रक्षा समेत कई मांगों को लेकर अनशन कर रहे संत गोपालदास के रहस्यमय तरीके से गायब हो जाने पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया था कि गहरी साजिश के तहत उन्हें गायब किया गया है।
सरकार को यह खुलासा करना चाहिए कि दिल्ली एम्स से लाकर किसने दून अस्पताल में भर्ती कराया और फिर उन्हें कौन कहां ले गया। पत्रकारों से वार्ता करते हुए स्वामी शिवांनद ने कहा था कि यह बड़ी गहरी साजिश है कि दिल्ली के एम्स में भर्ती संत गायब हो गए।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि संत गोपालदास की तबीयत खराब थी तो उन्हें एम्स से डिस्चार्ज ही क्यों किया गया और फिर दून कैसे लाया गया। उन्होंने कहा कि किसी षड्यंत्र की आशंका है जिसका पर्दाफाश होना चाहिए।
'नदियों की चिंता करने वाले संतों को मारा जा रहा है'
उन्होंने कहा था कि यदि सब कुछ रहस्य नहीं है तो क्या वजह है कि संत गोपालदास अपने दोनों मोबाइल फोन और थैला आदि सामान अस्पताल में ही छोड़कर चले गए। वह जसबीर नाम का व्यक्ति कौन है जो उन्हें दून अस्पताल में भर्ती करवाने आया था।
उन्होंने कहा था कि इससे भी पर्दा उठना चाहिए। इस समय शासन, प्रशासन, और माफिया सब एक ही हो गया है। दावे बहुत किए जा रहे हैं, लेकिन गंगा की चिंता कोई नहीं कर रहा है। जो गंगा और उसकी सहयोगी नदियों की चिंता करता है ऐसे संतों को मारा जा रहा है।