मातृसदन आने पर 12 अक्तूबर देर रात ही एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया। 16 अक्तूबर को अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद प्रशासन की टीम मुझे मातृसदन छोड़ कर गई, लेकिन 17 अक्तूबर को फिर से उठाकर एम्स में भर्ती करा दिया गया।
अब डाक्टर चंडीगढ़ रेफर कर रहे हैं। संता गोपालदास ने लिखा कि उन्होंने कई बार लिखित में एलोपैथी चिकित्सा न देने की मांग की है, जिसके बावजूद उन्हें उपचार के लिए बाध्य किया जा रहा है। उन्होंने एम्स प्रशासन पर स्वाथ्स्य उपचार के बजाय मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया।