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एम्स में भर्ती संत गोपालदास ने देह त्यागने की मांगी अनुमति, पीएम मोदी को लिखे पत्र में बताई वजह

Mon, 15 Oct 2018 08:42 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, ऋषिकेश
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एम्स में भर्ती संत गोपालदास
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गंगा की अविरल और निर्मल धारा के लिए स्वामी गोपालदास, संथारा (अन्न जल त्यागना) पद्धति से देह त्यागना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखा है। उन्होंने निर्णय लिया है कि देहावसान के बाद उनकी देह एम्स को दान कर दी जाए, जिससे मेडिकल के छात्रों को फायदा मिलेगा।

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अनशनरत संत गोपालदास ने एम्स में रविवार को मौन व्रत तोड़ दिया। इस दौरान उन्होंने एम्स प्रशासन पर मानसिक प्रताड़ना और अभद्रता के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने गोपनीय ढंग से उनकी वीडियो बनाने की भी बात कही। 

स्वामी गोपालदास ने तल्ख लहजे में कहा कि मोदी सरकार तानाशाह हो गई है। इस देश में सूटबूट की सरकार आ गई है। पीएम मोदी ने जितने भी वादे किए वह धरातल पर नजर नहीं आए।

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उनकी कथनी और करनी में बहुत फर्क आ गया है। पूरा सिस्टम न जाने किस साजिश के तहत गूंगा और बहरा हो गया है। इसलिए वह जैन धर्म परंपरा के तहत संथारा पद्धति से गंगा के लिए देह का त्याग करना चाहते हैं। 

स्वामी गोपालदास ने कहा कि मां गंगा के संरक्षण को लेकर जिस तरह का माहौल है, उसमें देशभर के संतों, विद्वानों और गंगाप्रेमियों को भी अपना मौन तोड़ देना चाहिए। जीवनदायिनी गंगा की बर्बादी का तमाशा मूकदर्शक बनकर कब तक लोग देखते रहेंगे।

पहाड़ पूंजीपतियों की बपौती नहीं है। गंगा संरक्षण के लिए एनजीटी, कैग, शोध संस्थानों और सुप्रीम कोर्ट की सिफारिशों तक को ताक पर रख दिया गया है। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। इंतजार है कि कब जवाब आएगा। इसके साथ ही आंदोलन की अगली रणनीति तय होगी। 
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अभद्रता और प्रताड़ना के आरोप बेबुनियाद : एम्स  

पूरे मामले पर एम्स के पीआरओ हरीश थपलियाल का कहना है कि पेशेंट और तीमारदार से विनम्र व्यवहार करना हमारी परंपरा है। संत गोपालदास ने जो चिकित्सा अधीक्षक पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया हैस वह पूरी तरह गलत है। कोई वीडियो नहीं बनाया जा रहा है। हमारी कोशिश है कि संत के स्वास्थ्य में सुधार हो। अस्पताल में इलाज किया जाता है बाकी मुद्दों से हमारा कोई सरोकार नहीं।

संत गोपालदास का बिगड़ता स्वास्थ्य, राष्ट्र के लिए चिंता का विषय है। गंगा में खनन पर रोक लगाने के लिए वे 24 जून से उपवास पर बैठे हैं। संत गोपालदास, हमारे बीच, स्वामी सानंद (प्रो. जीडी अग्रवाल) की आवाज हैं। यह आवाज बुलंद रहनी चाहिए। 
-राहुल गांधी का ट्वीट
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