इसके बाद यहां के छात्रों को दूसरे स्कूलों में शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू की गई। इस बीच यह बात सामने आई है कि बोर्डिंग स्कूल प्रशासन ने छात्रों से पूरे साल का शुल्क वसूला हुआ है। अभिभावक कह रहे हैं कि चूंकि वह पहले ही शुल्क दे चुके हैं तो अब दोबारा शुल्क क्यों दें।
लिहाजा, दूसरे स्कूल इन छात्रों को लेने में आनाकानी कर रहे हैं। दूसरी ओर, सीबीएसई देहरादून ने 9वीं से 12वीं तक के छात्रों की पूरी रिपोर्ट सीबीएसई दिल्ली को भेज दी है। अब दिल्ली कार्यालय की ओर से छात्रों की शिफ्टिंग पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।