श्री श्री रवि शंकर भी कुछ दिन पहले मातृसदन आए, लेकिन उनके रवैये से मातृसदन नाराज हो गया। अब आत्मबोधानंद के अनशन को बृहस्पतिवार को 177 दिन पूरे हो गए, लेकिन शासन-प्रशासन की तरफ से वार्ता का कोई प्रयास नहीं किये जाने के कारण आत्मबोधानंद ने जल त्यागने की घोषणा की।
आत्मबोधानंद ने बताया कि अनशन के दौरान ना तो उनसे वार्ता करने का प्रयास किया गया और ना ही उनकी मांग मानी गई। उन्होंने बताया कि यदि 25 अप्रैल तक मांगो को नहीं माना गया तो वे 27 अप्रैल से जल भी त्याग कर देंगे।
गौरतलब है कि गंगा की रक्षा के लिए प्रख्यात वैज्ञानिक स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद उर्फ़ प्रो. जीडी अग्रवाल ने 9 अक्टूबर को जल त्याग दिया था। 10 अक्टूबर को उन्हें जबरन ऋषिकेश एम्स में भर्ती कराया गया था। अनशन के 112वें दिन 11 अक्टूबर को अस्पताल में स्वामी सानंद का निधन हो गया। उन्ही की मांगो के समर्थम में ही आत्मबोधनंद अनशन पर बैठे हैं।