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साईं पर मचा घमासान, मोदी से उमा को हटाने की मांग

Mon, 30 Jun 2014 11:05 AM IST
अमर उजाला, हरिद्वार
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शंकराचार्य और साईं विवाद अब राजनीतिक रंग लेता जा रहा है। रविवार देरशाम हरिद्वार में भारत साधु समाज की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उमा भारती को केंद्रीय मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की गई। संतों ने कहा कि उमा भारती को शंकराचार्य से माफी मांगनी चाहिए।
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दूसरी ओर केंद्रीय जल संसाधन मंत्री साध्वी उमा भारती साईं बाबा के प्रति अपनी मान्यता पर कायम है। उन्होंने रविवार को शंकराचार्य को पत्र भेजकर एक दिन पहले दिया अपना बयान दोहराया।

वहीं शारदा और ज्योर्तिपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि उमा भारती रामभक्त नहीं हैं। उन पर राम की कृपा नहीं हो सकती।

उमा जैसों के चलते ही नहीं बना राम मंदिर

रविवार को कनखल स्थित शंकराचार्य मठ में पत्रकारों से बात करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि इस प्रकार की हठधर्मिता के कारण अयोध्या में आज तक राम मंदिर नहीं बन पाया। एक मुसलमान साईं का समर्थन करने वाले सच्चे राम भक्त नहीं हो सकते।

कहा कि जो व्यक्ति साईं को भगवान मानता हो वह राम भक्त नहीं हो सकता। वे कभी भी साईं को भगवान मानने वालों को मान्यता नहीं देंगे।

वहीं केंद्रीय मंत्री उमा भारती भी अपने स्टैंड पर कायम हैं। रविवार को उमा भारती ने जगद्गुरु शंकराचार्य को एक पत्र भेजा है।

शंकराचार्य की हर बात का जवाब उच‌ित नहीं: उमा

इस पत्र में तीन बिंदु उठाते हुए उमा भारती ने कहा है कि साईं बाबा ने कभी नहीं कहा कि वे भगवान हैं। उनके भक्तों ने साईं को कभी 25वां अवतार घोषित करने की मांग नहीं की।

साईं भक्त 24 अवतारों को ही मान्यता देते हैं। 24 अवतारों के अलावा बाकी किसको भगवान मानना है या नहीं यह बिल्कुल निजी विषय है। भारतीय परंपरा में माता-पिता, गुरु एवं अतिथि को भगवान के समान मानने के बात कही गई है।

उमा भारती ने कहा कि वे शंकराचार्य के प्रति पूर्ण सम्मान रखते हुए भी शिरड़ी के साईं बाबा को मानती रहेंगी और संत परंपराओं का सम्मान करती रहेंगी। शंकराचार्य की हर बात का जवाब देना वे उचित नहीं समझती।
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इसलिए शुरू हुआ था विवाद

28 जून को हरिद्वार के दिव्य प्रेम सेवा मिशन में पत्रकारों से बात करते हुए उमा भारती ने कहा था कि साईं बाबा ने कभी नहीं कहा कि वे भगवान हैं। उनके भक्तों ने साईं को कभी 25वां अवतार घोषित करने की मांग नहीं की।

साईं भक्त 24 अवतारों को ही मान्यता देते हैं। भारतीय परंपरा में माता-पिता, गुरु एवं अतिथि को भगवान के समान मानने के बात कही गई है। उमा भारती ने कहा कि 24 अवतारों के अलावा बाकी किसको भगवान मानना है या नहीं यह बिल्कुल निजी विषय है।

उमा भारती के इस बयान पर शनिवार को शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद ने कहा था कि उमा भारती राजनीति कर रही हैं। उन्होंने गुरुद्रोह किया है।
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