- एक दिसंबर से शुरू हो रहा दिवाली लोकपर्व
- पर्व के लिए खरीदारी को बाजार में उमड़ी भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
साहिया। जौनसार बावर जनजातीय क्षेत्र में मनाई जाने वाली दिवाली की खरीदारी के लिए साहिया बाजार में दिनभर ग्रामीणों की भीड़ उमड़ी रही। इस दौरान बाजार में पूरी रौनक रही। दिवाली के पर्व को लेकर गांवों में उत्साह का वातावरण दिखाई दे रहा है।
जनजातीय क्षेत्र जौनसार बावर में दिवाली देश में मनाई जाने वाली दिवाली के एक महीने के बाद मनाई जाती है। पांच दिनों तक चलने वाले दिवाली पर्व की शुरूआत एक दिसंबर से क्षेत्र के गांवों में हो जाएगी। पर्व के लिए जूते, कपड़े, घर का नया सामान आदि की शनिवार को जमकर खरीदारी हुई। इस दौरान साहिया बाजार में सुबह से ही ग्रामीणों की भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। ग्रामीणाें की खरीदारी का यह क्रम देर शाम तक जारी रहा। उधर क्षेत्र के गांवों में भी पर्व को लेकर उत्साह का वातावरण बना हुआ है। दूसरे प्रदेश व शहरों में रहने वाले ग्रामीण अपने परिवार समेत गांवों में पंहुच गए हैं, जिससे गांवो में भी चहल-पहल दिखाई दे रही है। इसके अलावा गांवों के पंचायती आंगनों को पारंपरिक कार्यक्रमों के लिए सजाया गया है।
होला जलाकर होगी दिवाली की शुरूआत
अपनी परंपराओं व अलग संस्कृति के प्रसिद्ध जौनसार बावर के गांवों में रविवार की सुबह सूरज निकलने के समय भीमल की लकड़ी व सूखी टहनियों से बनी मशाल जिसे स्थानीय भाषा में होला कहते हैं को जलाकर पर्व की खुशी मनाई जाएगी। इसके बाद गांवों के पंचायती आंगनों में लोकनृत्य व गीतों के कार्यक्रमों में सभी ग्रामीण शामिल होंगे।
चालदा महासू के मंदिर में रात लगाने पहुंचेंगे श्रद्धालु
कई दशकों के बाद यह पहला ऐसा मौका होगा जब चालदा महासू देवता के खत शैली के ग्राम दोहा में प्रवास पर रहने के दौरान पर्व मनाया जाएगा। इस अवसर पर प्रार्थनाएं करने व मन्नत मांगने के लिए खत शैली से भारी संख्या में लोग चालदा महासू मंदिर में रात लगाने के लिए शनिवार की रात मंदिर परिसर में पहुंच जाएंगे। कनबुआ गांव के शांत सिंह पंवार, रिखाड़ गांव के संतराम चौहान ने बताया कि खत शैली के ग्रामीणों के लिए यह पर्व बेहद खुशी वाला है।