निर्माण पर महिला ने जताई थी आपत्ति
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केहरी गांव में कथित अवैध निर्माण को लेकर विवाद में फंसे उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री साहब सिंह सैनी को अदालत से राहत मिल गई है। सिविल जज सीनियर डिविजन ने निर्माण पर रोक लगाने से संबंधित कैंट बोर्ड के आदेश पर फिलहाल स्टे लगा दिया है। इस मामले में कैंट बोर्ड को 25 मई को कोर्ट में अपना पक्ष रखना है।
गौरतलब है कि 23 अप्रैल को कैंट बोर्ड और एमडीडीए की टीम ने केहरी गांव का संयुक्त सर्वे किया था। अधिकारियों का कहना था कि केहरी गांव का क्षेत्र कैंट बोर्ड के आधीन आता है और यह प्रतिबंधित क्षेत्र भी है। इसके बाद एमडीडीए ने इस मामले को कैंट बोर्ड के क्षेत्राधिकार में बताते हुए कार्रवाई से पल्ला झाड़ लिया था।
निर्माण पर लगा थी पाबंदी
हालांकि इससे पहले एमडीडीए ने साहब सिंह सैनी के कामर्शियल निर्माण का चालान काटकर काम बंद करा दिया था। लेकिन, इस मामले में जांच आगे नहीं बढ़ पाई। वहीं कैंट बोर्ड ने नोटिस भेजकर पूरे क्षेत्र में ही निर्माण पर पाबंदी लगा दी थी। सूत्रों का कहना है कि मंत्री के विवादित भवन का निर्माण फिर शुरू हो गया है।
इनका है कहना
कोर्ट के आदेश की अभी जानकारी नहीं मिली है। स्टे मिला होगा तो कैंट बोर्ड अपना पक्ष रखेगा। अगर बिना स्टे निर्माण कार्य चल रहा है तो सख्ती कार्रवाई की जाएगी।
-सुब्रत पाल, सीईओ, कैंट बोर्ड